लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सपा बसपा गठबंधन को लगा बड़ा झटका है. बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय के करीबी माने जाने वाले उमेश सैंथिया ने इस्तीफा दिया है. उन्होंने पार्टी हाईकमान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे घुटन महसूस कर रहे थे. पार्टी में बोलने की आजादी नहीं है, बस चंदा वसूलने में नेताओं को व्यस्त कर दिया जाता है.

विधानसभा चुनाव 2017 में उमेश सैंथिया चर्चा में आए. बसपा ने उन्हें फतेहाबाद विधानसभा से टिकट दिया. उमेश सैंथिया ने यहां से दमदारी से चुनाव लड़ा, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर सके. उमेश सैंथिया बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय के बेहद करीबी माने जाते हैं.

उमेश सैंथिया ने बताया कि वे बहुजन समाज पार्टी में घुटन महसूस कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की चंदा वसूली से परेशान थे. पार्टी में बोलने व काम करने की आजादी नहीं है. यही नहीं, बड़े नेता भी चंदा वसूली में लगे रहते हैं. इसलिए उन्होंने बहुत सोच समझकर ये कदम उठाया है.





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