मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दुर्बल आय वर्ग के लिए ट्रांसपोर्ट नगर फेज-2 में निर्मित आवासीय इकाईयों के आवंटन पत्र चयनित लाभार्थियों को वितरित किए. लाॅटरी के माध्यम से चयनित कुल 221 लाभार्थियों को आवंटन पत्र वितरित किए गए. मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी बनाने के लिए लाॅटरी सिस्टम किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थी जल्द से जल्द अपने आवास में चलें जाएं. इस बार की होली में वे लाभार्थियों के इन आवास में जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबका विकास होगा, तभी सभी साथ-साथ देश को आगे बढ़ा सकते हैं. सरकार के लिए सभी अपने हैं. प्रधानमंत्री जी ने जो नए भारत का सपना देखा है, वह गरीबी से मुक्त होगा, सबके पास आवास होगा, बिजली व पानी की सुविधा होगी. गरीबों को उनके हक का पैसा पूरा मिले, इसके लिए जनधन खाते खुलवा कर पैसा सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है. अब सरकार व गरीब लाभार्थियों के बीच बिचैलिए नहीं हैं. किसान सम्मान निधि में 6 हजार रूपए किसानों को दिए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गरीबों, मजदूरों, किसानों के लिए अनेक योजनाएं प्रारम्भ की है. जरूरत है इन योजनाओं की जानकारी उन लोगों तक पहुंचाने की. आप स्वयं भी इन योजनाओं के बारे में जानें और दूसरों को भी बताएं. योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्वयं को भी जागरूक होना पड़ेगा. सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह बहुत सुंदर प्रोजेक्ट है. इनमें जिन लोगों को आवास आवंटित हुए है, वे बहुत ही सौभाग्यशाली हैं.

केंद्र व उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, सौभाग्य योजना, जनधन योजना, आयुष्मान योजना, किसान सम्मान निधि योजना सहित तमाम योजनाएं गरीबों के हित में प्रारम्भ की हैं. एमडीडीए के उपाध्यक्ष आशीष वास्तव ने बताया कि दिसम्बर माह में लाॅटरी द्वारा कुल 224 लाभार्थियों का चयन किया गया था. नगर निगम के माध्यम से इनका वेरिफिकेशन कराया गया. अब 221 लाभार्थियों को ट्रांसपोर्ट नगर फेज-2 में निर्मित आवासीय इकाईयों के आवंटन पत्र सौंपे जा रहे हैं. इन आवास की कुल लागत 9 लाख रूपए है. इसमें एमडीडीए द्वारा 3 लाख की सब्सिडी दी गई है. इसका भार एमआईजी व एचआईजी पर अंतरित किया गया है.

बाकी बचे 6 लाख रूपए में से 1.5 लाख रूपए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा व 1 लाख रूपए उत्तराखण्ड जन आवास योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई है. इस प्रकार लाभार्थी को केवल 3.5 लाख रूपए ही देने होंगे. इस राशि के लिए बैंकों से गृह ऋण की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है.





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