मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को देहरादून में 6 मार्च को आयोजित हो रहे “युवा उत्तराखण्ड-उद्यमिता एवं स्वरोजगार की ओर” कार्यक्रम का लोगो तथा ब्राउजर का विमोचन किया. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के युवाओं को केन्द्र में रखकर आयोजित किये जा रहे इस पहल को ऐतिहासिक शुरूआत बताया. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास राज्य के युवाओं को प्रदेश के विकास में भागीदारी सुनिश्चित कराना है. इस कार्यक्रम का 6 मार्च को एक प्रकार से शुभारम्भ हो रहा है. हमारा युवा आज का नागरिक है राज्य का युवा राज्य के निर्माण की भी जिम्मेदारी निभायें. इसी उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है.

यह आयोजन युवाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें रोजगार से जोड़ने को भी मददगार रहेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 2.80 लाख लोग रोजगार से सीधे जुड़े हैं. प्रदेश के युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ सके इसके लिये एप भी तैयार किया गया है. इस पर युवा अपने सुझाव भी दे सकेंगे. इससे हमारे युवा सरकारी कार्यक्रमों में भी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए स्किल डेवलपमेंट की दिशा में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सोलर ऊर्जा एवं पिरूल से ऊर्जा बनाने की योजनाओं में भी युवाओं को जोड़ा गया है. सोलर ऊर्जा के लिए भी 800 करोड़ तथा पिरूल के लिए भी 50 करोड़के टेंडर जारी किये जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि गत वर्ष अक्टूबर में की आयोजित इन्वेस्टर समिट में भी राज्य के लगभग 200 युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करायी गई थी. इस कार्यक्रम के माध्यम से भी युवाओं को राज्य के विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किये गये थे.

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार की ओर कार्यक्रम में 10 हजार युवाओं के साथ 52 काॅलेजों के छात्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे. इसमें सभी प्रमुख शिक्षण संस्थानों के युवाओं की भी भागीदारी रहेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में 50 प्रमुख उद्यमियों को भी आमंत्रित किया गया है जो युवाओं की काउंसिलिंग कर रोजगार से जोड़ने में मदद करेंगे. राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा भी स्वरोजगार परक अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है इसके माध्यम से भी युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार की राह प्रशस्त होगी. मुख्मयंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि परम्परागत रूप से यह पाया गया है कि युवाओं की निर्भरता सरकार और वेतन भोगी नौकरियों पर रही है.

तकनीक और प्रौद्योगिकी के समावेश के चलते विकास में इन क्षेत्रों में अवसर सीमित हो रहे हैं, दूसरी ओर उद्यमिता के क्षेत्र में कई नई सम्भावनाएं उभर रहीं हैं. इसीलिये राज्य सरकार युवाओं हेतु उद्यमिता एवं कौशल विकास पर बल दे रही है. युवाओं की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ उनमें उद्यमिता का विकास और स्वरोगजार हेतु विभिन्न विभागों द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं.

यदि राज्य की युवा आबादी इन उपलब्ध अवसरों से परिचित हो, तो राज्य के विकास में इनका लाभ लिया जा सकता है. “युवा उत्तराखण्ड-उद्यमिता एवं स्वरोजगार की ओर” कार्यक्रम इसी के दृष्टिगत आयोजित किया जा रहा है. प्रयास यह है कि युवाओं को उद्यमिता के बारे में अवगत करते हुये रोजगार के अवसरों के विकल्प व स्वरोजगार स्थापित करने के लिये सम्पूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी. इस आयोजन में राज्य में स्वरोजगार के क्षेत्र में स्थापित लोगों से परिचित होने का अवसर भी युवाओं को प्राप्त होगा. सैक्टोरल सत्रों यथाः कृषि और बागवानी, सूचना, प्रौद्योगिकी व अन्य सेवाएं, लघु उद्योग तथा पर्यटन के माध्यम से इन क्षेत्रों में राज्य में उपलब्ध अवसरों के बारे में भी जानकारी प्राप्त होगी. राज्य के सफल उद्यमी भी इस कार्यक्रम में युवाओं के साथ परिचर्चा में सम्मिलित होंगे.





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