शनिवार को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पाकिस्तान में एक आतंकी शिविर पर किए गए हवाई हमले का घरेलू राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने विपक्षी दलों पर ऐसे बयान देने का आरोप लगाया, जिससे पाकिस्तान के लोग खुश होंगे. जेटली ने यहां इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहा, “इसका (एयर स्ट्राइक) घरेलू राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, और यह विशुद्ध रूप से सुरक्षा हित में किया गया.”

जेटली ने यह बात तब कही, जब उनसे कर्नाटक भाजपा के नेता बी.एस. येदियुरप्पा के बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर हमले के कारण पार्टी राज्य की 28 लोकसभा सीटों में से 22 पर जीत दर्ज करेगी.’

जेटली ने कहा, “ऐसा बयान नहीं दिया जाना चाहिए था और पार्टी ने उनके बयान के खिलाफ एक बहुत ही स्पष्ट रुख लिया है.”

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टिप्पणी पर आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्माद भड़काने की जैसे होड़ मची हुई है. जेटली ने कहा कि सिंह नैतिकता और अन्य आधार पर दोनों देशों के बीच कैसे तुलना कर सकते हैं.

जेटली ने 22 विपक्षी नेताओं की एक बैठक का भी जिक्र किया, जिन्होंने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की बात तो कही, लेकिन उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कुछ चीजों का तत्काल जिक्र उनके पक्ष में किया गया.

यह पूछे जाने पर कि क्या वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के भारत लौटने को तनाव कम होना माना जाए, या और भी कार्रवाई हो सकती है? जेटली ने कहा कि वह सेना की रणनीति के बारे में चर्चा नहीं करना चाहेंगे, लेकिन उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर भारत का रुख तबतक नहीं बदलेगा, जबतक पाकिस्तान अपनी धरती से पैदा हो रहे आतंकवाद को समाप्त करने के लिए खास कदम नहीं उठाता.





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