• जाल तल्ला में 8 बकरियों की बर्फबारी से हुई मौत
देवभूमि मीडिया ब्यूरो

जोशीमठ : चमोली जिले के शुक्रवार को निचले इलाकों में धूप खिलने से जहां लोगों ने राहत महसूस की है, वहीं जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुककर हो रही बर्फबारी से समूची बद्रीशपुरी बर्फ से पटी पड़ी है। बद्रीनाथ से लगा बामणी गांव के लगभग सभी घर और मंदिर बर्फ से ढक गए हैं। इन हालात में बद्रीनाथ में रह रहे बीकेटीसी के कर्मचारी और सुरक्षा जवानों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

बद्रीनाथ धाम से मिली जानकारी के अनुसार धाम और आसपास के इलाके में लगभग नौ फीट बर्फ जमी हुई है। इस साल हुई भारी बर्फबारी से धाम में कई दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं हेमकुंड साहिब भी पूरी तरह बर्फ से ढक चुका है। यहां करीब ग्यारह फीट बर्फ जमी हुई है। यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया में भी कई दुकानें बर्फ में ढक गई हैं। घांघरिया से हेमकुंड तक छह किलोमीटर आस्था पथ बर्फ से ढक गया है। यहाँ तक कि हेमकुंड सरोवर भी बर्फ से जम गया है। जोशीमठ में गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि इस बार यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

वहीँ गुप्तकाशी से मिली जानकारी के अनुसार कालीमठ घाटी के दूरस्थ जाल तल्ला गांव में बर्फबारी से पशुपालक बीरेंद्र सिंह राणा के 8 बकरियों की ठण्ड से मौत हो गई। जबकि पांच बकरियां बीमार हैं। ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों ने पीड़ित को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। बीते 27 फरवरी को पशुपालक अपनी 40 बकरियों को चुगाने गांव से दूर जंगल में गया था। इस दौरान हल्की बारिश हो रही थी। लेकिन बाद में बर्फबारी होने लगी। पशुपालक अपनी बकरियों को लेकर घर के लिए लौटने लगे। लेकिन गांव तक पहुंचने से पूर्व आठ बकरियों की रास्ते में ही मौत हो गई। जबकि 5 बेहोश हो गई।

पीड़ित पशुपालक ने गांव पहुंचकर ग्राम प्रधान व अन्य को घटना के बारे में सूचित किया। प्रधान द्वारा राजस्व उप निरीक्षक व पशुपालन विभाग को जानकारी दी गई। इधर, शुक्रवार को पशुधन प्रसार अधिकारी बीएस असवाल व राजस्व उप निरीक्षक मान सिंह ने गांव पहुंचकर घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। यहाँ मृत बकरियों का मौके पर ही पोस्टमार्टम किया गया। पशुधन प्रसार अधिकारी ने बताया कि बकरियों की मौत ठंड के कारण हुई है। राजस्व उप निरीक्षक ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर तहसील को भेजी जाएगी, जिसके बाद पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा।




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