सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील पर महत्वपूर्ण सुनवाई चल रही है. शुरुआती सुनवाई में प्रशांत भूषण की दलीलों के खिलाफ अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि वह (प्रशांत) जिन दस्तावेजों पर भरोसा कर रहे हैं वह रक्षा मंत्रालय से चुराए गए हैं, वहीं F-16 फाइटर जेट का भी जिक्र हुआ. पाकिस्तान द्वारा 27 फरवरी को F-16 विमानों से भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की नाकाम कोशिश का जिक्र करते हुए अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से कहा कि F-16 से मुकाबले के लिए राफेल जरूरी है.

अटॉर्नी जनरल ने दलील देते हुए MiG21 का ज़िक्र किया और कहा कि इतना पुराना, ओल्ड जेनरेशन होने के बाद भी इसने बढ़िया परफॉर्मेंस किया है और हाल की घटना (पुलवामा) से जाहिर है कि हम कितने नाजुक दौर से गुजर रहे हैं. जब बाकी देशों के पास F16 जैसे एयरक्राफ्ट हैं, हमारे पास भी होना चाहिए. प्रशांत भूषण ने कहा कि जब प्राथमिकी दायर करने और जांच के लिए याचिका दाखिल की गईं तब राफेल पर महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाया गया.

अगर तथ्यों को दबाया नहीं गया होता तो सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदा मामले में प्राथमीकि और जांच संबंधी याचिका को खारिज नहीं किया होता. इस पर अटॉर्नी जनरल (AG) केके वेणुगोपाल ने कहा कि अधिवक्ता प्रशांत भूषण जिन दस्तावेजों पर भरोसा कर रहे हैं, वे रक्षा मंत्रालय से चुराए गए हैं। AG ने कोर्ट से कहा कि राफेल सौदे से जुड़े दस्तावेजों की चोरी होने के मामले की जांच चल रही है.





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