मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिह ने कथित तौर पर भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक के सबूत जारी किए जाने की मांग की. उनकी इस मांग पर राज्य की सियासत गरमा गई है. भाजपा नेताओं ने सिंह पर चौतरफा हमले किए हैं. दिग्विजय ने शनिवार को इंदौर में दिए एक बयान में कहा था कि जिस तरह अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन के खिलाफ कार्रवाई के सबूत जारी किए थे,

उसी तरह हमें भी एयर स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक करने चाहिए. इसका कोई कोई नुकसान नहीं, बल्कि फायदा ही है. उनकेइस बयान पर रविवार को राज्य का सियासी पारा चढ़ गया. भाजपा ने सिंह पर जमकर हमले बोले. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “सिंह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है, वे देश की सेना के शौर्य को भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, तो धिक्कार है उन पर.”

चौहान ने दिग्विजय के पूर्व में दिए गए बयानों पर भी तंज कसा. उन्होंने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह पहले ही मध्य प्रदेश का बंटाढार कर चुके हैं, अब तो रिटर्न बंटाढार हैं.

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भी दिग्विजय के बयान पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश के प्रधान अर्थात वायु, जल व थल सेना के प्रमुख बात साफ कर चुके हैं, वे तो किसी पार्टी के नहीं हैं, प्रश्न करना है तो उनसे करें.

वहीं कमलनाथ सरकार में मंत्री और दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह ने भाजपा के सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कहा, “बातों को घुमाने की भाजपा की पुरानी आदत है. दिग्विजय सिंह ने तो यह भी कहा है कि भारत से सबूत मांगनेवाले पाकिस्तान को मसूद अजहर और हाफिज सईद पर कार्रवाई करनी चाहिए, तो उन्होंने कौन सी गलत बात कही है!”

उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के 13वें दिन भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था, क्योंकि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी जैश ने ही ली थी.





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