शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाखापत्तनम के दौरे से पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने सवाल किया कि क्या उन्हें (मोदी) खाली हाथ राज्य के दौरे पर आने में शर्म नहीं आई. मोदी को लिखे एक खुले पत्र में चंद्रबाबू ने राज्य को विशेष दर्जा दिए बगैर आंध्र प्रदेश का दौरा करने व आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 में किए गए अन्य वादों को पूरा नहीं करने को लेकर उनकी आलोचना की.

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष ने मोदी से कहा कि राज्य के पांच करोड़ लोग उनकी धोखाधड़ी को लेकर नाराज हैं. नायडू ने मोदी से पांच साल बाद भी अपने आश्वासन को पूरा करने में विफल रहने को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने मोदी के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने का आह्वान किया है.

उन्होंने कहा कि मोदी को आंध्र प्रदेश के लोगों को स्पष्टीकरण देना बाकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आश्वासनों को पूरा करने की मांग लेकर 29 बार दिल्ली गए, लेकिन सब निर्थक रहा. उन्होंने जानना चाहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा राज्यसभा में 20 अप्रैल, 2014 को दिए गए आश्वासन के अनुरूप केंद्र बीते पांच सालों में विशेष राज्य का दर्जा देने में क्यों विफल रहा.

उन्होंने कहा, “क्या राज्य के विभाजन के बाद 16,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे के मुकाबले 3,979 करोड़ रुपये जारी करना आंध्र प्रदेश के साथ धोखाधड़ी नहीं है?”. तेदेपा प्रमुख ने मोदी को राज्य की राजधानी को दिल्ली से ज्यादा आकर्षक बनाने के वादे की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि बीते साढ़े चार सालों में सिर्फ 15,000 करोड़ रुपये जारी किए.





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