शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि लोग अब केवल नारे नहीं सुनेंगे क्योंकि वे सोशल मीडिया माध्यम के साथ फैसला लेने में सक्षम हैं. ‘मन की बात : ए सोशल रिवोल्यूशन ऑन रेडियो’ पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षो में सामने आए संचार के नए मंच आगामी वर्षो में जनसंचार के प्रारूप को अकल्पनीय स्तर पर बदल देंगे.

जेटली ने कहा, “आज का भारत और 1960 व 1970 के दशक का भारत अलग है. अब लोग केवल नारे नहीं सुनेंगे. वे तय करने में पर्याप्त रूप से सक्षम हैं.”

उन्होंने कहा, “तय करने के माध्यम से लोग फैसला लेते हैं और यह माध्यम (सोशल मीडिया मंच) ऐसे फैसलों के लिए निशुल्क भी होते हैं.”

न्यूज मीडिया की वर्तमान भूमिका पर तंज कसते हुए जेटली ने कहा, “मीडिया संगठन अब मुद्दों और घटनाओं की रिपोर्टिग की पारंपरिक भूमिका के खिलाफ ‘एजेंडा सेटिंग’ करने में तब्दील हो गए हैं.”

जेटली ने 2014-2016 के दौरान सूचना एवं प्रसारण प्रभार भी संभाला था.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top