कश्मीर घाटी में मंगलवार को व्यापारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन को लेकर बुलाए गए बंद से आम जनजीवन प्रभावित रहा। केंद्र द्वारा जमात-ए-इस्लामी जम्मू एवं कश्मीर पर प्रतिबंध लगाने व इसके 200 कैडरों की गिरफ्तारी के खिलाफ यह बंद बुलाया गया है.

प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि बंद अनुच्छेद 35ए व 370 के संरक्षण को लेकर भी है. यह अनुच्छेद राज्य को विशेष दर्जा देते हैं. सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक के नेतृत्व वाले अलगाववादी समूह संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने बंद का समर्थन किया है.

दुकानें, दूसरे व्यवसाय व सार्वजनिक परिवहन बंद रहे. प्रशासन ने श्रीनगर के पुराने शहर इलाके व कानून व व्यवस्था के प्रति संवेदनशील घाटी के दूसरे इलाके में पुलिस व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की भारी तैनाती की है.

केंद्र सरकार ने 28 फरवरी को जमात-ए-इस्लामी जम्मू एवं कश्मीर को प्रतिबंधित कर दिया. केंद्र ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत इसे एक गैरकानूनी संघ घोषित कर दिया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया कि संगठन ऐसी गतिविधियों में शामिल है जो आंतरिक सुरक्षा के लिए नुकसानदायक है.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top