यदि आपके शरीर में है तिल और आप इसे नजरअंदाज करते रहे हैं तो आप बहुत बड़ी भूल कर रहे है. तिल का आपके आर्थिक, सामाजिक तथा वैवाहिक पक्ष से सीधा कनेक्शन है. जी हां यह हम नहीं कह रहें, बल्कि हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाले शास्त्र समुद्र शास्त्र का कहना है.

इस लेख में हम समुद्र शास्त्र के अनुसार जातक के शरीर के किस स्थान पर तिल स्थित होने पर उसका असर जातक के जीवन पर कैसा होगा इस बारे में जानेंगे. तो आइए जानते हैं तिल के महत्व व मान्यताओं के बारे में….

शरीर पर तिल की स्थिति व प्रभाव

भौह पर तिल-:

यदि आपके भौह पर तिल है तो समुद्र शास्त्र में यह शुभ व अशुभ दोनों का कारक माना जाता है. शास्त्र के अनुसार बायी भौह पर तिल है तो यह अपके जीवन में दुख का कारक बनता है. अथक परिश्रम करने के बाद भी जातक को जल्दी सफलता नहीं मिलती. तो वहीं जातक के दायी भौह पर स्थित तिल उसके वैवाहिक जीवन को सुखद और सफल बनाने का कारक बनता है साथ ही यह प्रेम संबंध को मजबूती प्रदान करता है.

माथे पर तिल-:

समुद्र शास्त्र के मुताबिक माथे पर तिल होना शुभफलदायी है लेकिन तिल माथे पर कहां स्थित है यह इस बात पर निर्भर करता है. जातक माथे के मध्य भाग में तिल है तो वे काफी विवेकशील और इनमें सोचने की क्षमता अधिक होती है. यदि तिल जातक के माथे के दायी ओर स्थित है तो वह धनी और उसे जीवन में भौतिक सुख का आनंद मिलता है. लेकिन यही तिल जातक के माथे के बायी ओर हो तो यह जाकत के लिए समस्याएं खड़ी करता है. ये धन अधिक खर्च करते है.

नाक पर तिल-:

माना जाता है कि जातक के नाक पर स्थित तिल उसके प्रवृत्ति और जीवन में मिलने वाली सफलता को प्रभावित करता है. यदि तिल जातक के नाक के अग्र भाग पर है तो वह विलासता पूर्ण जीवन जीता है. यही तिल उसके नाक के दायी ओर स्थित होतो वह कम प्रयास कर जीवन में अधिक सफलता हासिल करता है, परंतु तिल नाक के बायी तरफ है तो वह जातक के सफलता में बाधा डालता है और उससे सफलता के लिए ज्यादा प्रयास करवाता है.

गाल पर तिल-:

समुद्र शास्त्र के अनुसार जातक के गाल पर तिल होना उसके स्वभाव व रिश्तों के प्रति वह कितना गंभीर होगा इस बारे में संकेत देते हैं. यदि जातक के दायी गाल पर तिल है तो जातक अपने पारिवारिक संबंधों को बखूबी निभाते हैं. ये जातक अपना अधिकतर समय अपने करीबियों के साथ बीताते हैं. लेकिन यही तिल जातक के गाल के बायी ओर स्थित है तो ऐसे जातक अपने भावनाओं को प्रदर्शित नहीं कर पाते और ये अकेला रहना पसंद करते हैं.

पैर की अंगुलियों पर तिल-:

ऐसी मान्यता है कि जातक के पैर की अंगुलियों के निचले भाग पर यदि तिल है तो यह उसके लिए अशुभ सिद्ध होगा. लेकिन यह सत्य नहीं है, समुद्र शास्त्र की माने तो, जातक के पैर के अंगूठे में यदि तिल है तो यह उसके लिए बहुत ही शुभ है. ऐसे जातक समाज में अपना एक अलग स्थान बनाने में कामयाब होते हैं. इन्हें समाज से काफी मान-सम्मान मिलता है. परंतु अंगूठे के अलावा तिल जातक के पैर के किसी अन्य अंगुली में है तो ये जातक को आत्मनिर्भर नहीं बनने देता. जातक अपने विवेक से कार्य करने के बजाय दूसरों की बातों को ज्यादा महत्व देता है.





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