देहरादून : बार बार पुलिस और सरकार द्वारा यातायात नियमों का पालन करने औऱ शराब पीकर गाड़ी न चलाने की बात बार कही जाती है इसके रोकथाम के लिए बकायदा चालान भी किया जाता है औऱ अभियान भी चलाए जा रहे हैं लेकिन सरकार के नुमाइंदे ही खुलेआम इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं.

जी हां रविवार को उत्तराखंड रोडवेज पिथौरागढ़ डिपो बस का चालक नशे की हालत में बस(यूके07 पीए-2906) दौड़ाता रहा. बस गुरुग्राम से चंपावत जा रही थी जिसमें 30 यात्रियों की सांसें अटकी रही। नशे में धुत्त चालक गुरुग्राम से से गाजियाबाद तक बस बेहुदा ढंग से लाया लेकिन जब उससे गियर तक लगने बंद हो गए तो यात्रियों ने जबरन बस रुकवाई और पास आने पर देखा की वो नशे में घुत्त है। गनीमत रही कि यात्रियों में शामिल एक युवक बस चलाना जानता था। वह रुद्रपुर तक बस लेकर पहुंच गया।

वहीं इस पूरे वाक्या को यात्रियों ने कैमरे में कैद किया और वीडियो बना रोडवेज मुख्यालय को भेजा. जिस पर रोडवेज की महाप्रबंधक प्रशासन निधि यादव ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपित संविदा चालक राजेंद्र सिंह मेहर को बर्खास्त कर दिया गया व सूचना न देने पर परिचालक उमाकांत राणाकोटी के निलंबन के आदेश दे दिए गए। मामले में जांच बैठा दी गई है।

नशा उतरने के बाद आया बस को होश

यात्री द्वारा बस को सोमवार सुबह सात बजे रुद्रपुर बस अड्डे तक लाया गया। इस दौरान पूरे रास्ते चालक सोता हुआ ही आया। यहां नशा उतरने पर उसने यात्री से बस की चाबी ले ली और जबरन खुद ही बस को चंपावत ले गया।

वहीं इस दौरान रोडवेज प्रबंधन की नाकामयाबी और लापरवाही देखने को मिली. लाख व्यवस्थाओं के दावे करने वाले बस प्रबंधन का आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पहले तो कभी लगते नहीं और लगते हैं तो कोई उठाता नहीं है.  रविवार रात को भी ऐसा हुआृ रात भर लोग नंबर पर फोन करते रहे लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। वॉयरल वीडियो में यात्रियों का आरोप है कि उन्होंने हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल की, लेकिन कोई रेस्पांस नहीं मिला।

प्रवर्तन टीमों को मिलेंगे एल्कोमीटर, पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच

वहीं बीच रास्ते में बसों में टिकटों की जांच करने वाली प्रवर्तन टीमों को अब प्रबंधन एल्कोमीटर देने की तैयारी कर रहा। इससे शराबी चालक की मौके पर ही जांच होगी। हालांकि, दो साल पूर्व भी रोडवेज प्रबंधन ऐसे प्रयास कर चुका है, लेकिन वह कुछ ही दिन बाद बंद हो गए। उस वक्त चालकों को बस अड्डे पर ही एल्कोमीटर से जांच करने के बाद रूट पर भेजा जाता था। वहीं उत्तराखंड रोडवेज के महाप्रंधक प्रशासन निधि यादव का कहना है कि पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। प्रवर्तन टीमों को और सक्रिय किया जाएगा। टीमों को एल्कोमीटर भी दिए जाएंगे, ताकि रास्ते में वे टिकट के साथ चालक के शराब पीये होने की जांच भी कर सकें।





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