कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद प्रदेश की सियासत भूचाल आ गया है. इसी बीच कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने कहा कि प्रदेश में सभी कांग्रेस के मंत्री देंगे इस्तीफा देंगे. वहीं निर्दलीय विधायक नागेश ने मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया है.

पिछले 48 घंटों से राज्य में जारी सियासी संकट के बीच के कांग्रेस और जेडीएस सरकार बचाने की कोशिशों में लगी है. बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार गंभीर संकट में घिर गई है और गठबंधन के 13 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. दोनों दलों का नेतृत्व असंतुष्ट विधायकों को मनाने की कोशिशों में जुटा हुआ है.

कर्नाटक में हालात को संभालने के लिए मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी भी अमेरिका से स्वदेश लौट आए हैं. सोमवार को कुमारस्वामी ने कांग्रेस के असंतुष्ट विधायक रामलिंगा रेड्डी से बेंगलुरु में किसी गुप्त स्थान पर मुलाकात की.

कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने बताया कि वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम और नतीजों पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस पार्टी के सभी मंत्रियों को नाश्ते की बैठक पर बुलाया गया है. हम जानते हैं कि बीजेपी क्या करना चाह रही है. अगर जरूरत पड़ी तो हम सभी इस्तीफा दे सकते हैं और फिर विधायकों को समायोजित कर सकते हैं. नाश्ते पर कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मंत्री डीके शिवकुमार के साथ सभी मंत्री पहुंचे.

कर्नाटक में कई विधायकों के इस्तीफे के कारण कांग्रेस-जद(एस) सरकार पर मंडराए संकट का मुद्दा कांग्रेस सोमवार को लोकसभा में उठाएगी. इस संदर्भ में उसने कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक में ”भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त” का मुद्दा लोकसभा में उठाया जाएगा.

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार गिराने में लगी हुई है. सुरेश ने कहा, बीजेपी के नेता इसके पीछे हैं. बीजेपी के लोग राज्य या देश में किसी भी विपक्षी पार्टी की सरकार नहीं चाहते हैं. वे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं.

कांग्रेस ने शनिवार को भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर ”संविधान का चीरहरण” करने का आरोप लगाया था और कहा था कि केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी के षड्यंत्र के बावजूद राज्य की सरकार नहीं गिरेगी. कर्नाटक विधानसभा के 13 विधायकों ने पिछले कुछ दिनों में इस्तीफा दिया है. इनमें से 10 विधायक कांग्रेस के हैं, जबकि 3 विधायक जद (एस) के हैं .

गत शनिवार को इस्तीफा देने वाले 11 विधायक में से 10 विधायक मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं. राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन का संख्या बल विधानसभा अध्यक्ष के अलावा 118 (कांग्रेस-78, जद(एस)-37, बसपा-1 और निर्दलीय-2) है. इसमें वे विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक स्वीकार नहीं किए हैं.





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