देहरादून: प्रदेश में ट्रांसफर एक्ट होने के बावजूद देरी से हुए ट्रांसफर में शिक्षा विभाग ने एक और फरमान जारी किया है। पहले तो शिक्षकों के स्थानांतरण किए और अब उन पर रोक लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने बिना प्रतिस्थानी यानि रिलीवर के किए गए एकल शिक्षकों के सभी तबादले स्थगित कर दिए हैं। जब तक एकल विद्यालय में नया शिक्षक नहीं आएगा, तब तक पुराने का तबादला नहीं होगा।

सवाल यह उठता है कि शिक्षा विभाग ने बगैर रिलीवर के ट्रांसफर क्यों किए गए ? पहले सुगम से दुर्गम में प्रतिस्थानी भेजा जाना चाहिए था, उसके बाद पहले से तैनात शिक्षक का स्थानांतरण किया जाना चाहिए था, लेकिन विभाग ने ऐसा किए बगैर ही आदेश जारी कर दिए। तबादलों में गड़बड़ियों पर बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। 400 से अधिक शिक्षकों ने तबादलों पर आपत्ति जताते हुए अपना प्रत्यावेदन दिया था। इनमें बड़ी संख्या में वह एकल शिक्षक शामिल थे, जिनका बिना प्रतिस्थानी के तबादला किया गया था।

इसके चलते उन स्कूलों में ताले लगाने की नौबत आ गई। सीमांत जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षकों का तबादला दूसरे जिले में किया गया, जबकि उनके स्थान पर कोई नहीं आया। इससे विद्यालयों में रिक्त पदों की संख्या बढ़ गई थी। शासन ने तबादलों में गड़बड़ी संबंधी शिक्षकों के प्रत्यावेदन (आपत्ति) की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति मामलों की जांच कर 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी।





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