देहरादून: 108 और खुशियों की सवारी से कभी खुशी-खुशी अपना जीवन चलाने वाले कर्मचारी महीनों से परेड ग्राउंड में धरना दे रहे हैं। सरकार से कई स्तर पर वार्ता हो चुकी है, लेकिन सरकार कुछ करने को तैयार नहीं है। दो दिन पहले 108 के पूर्व कर्मियों ने सचिवालय कूच किया। उनको पुलिस ने गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल में बंद कर दिया, लेकिन धरना वहां भी जारी रहा। मामले में कल देर रात को एक नया मोड़ आया, जिसे कर्मचारियों सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट

पोस्ट में लिखा गया है कि कल रात साढ़े आठ बजे। 108 और खुशियों की सवारी का जो आंदोलन सुद्धोवाला जेल परिसर में चल रहा था। उसमें पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। 21 कर्मचारियों को गिरफ्तार करते हैं, विरोध में अन्य कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। रात 10बजे परेड ग्राउंड पहुंचे अन्य कर्मचारियों ने रात को भी प्रदर्शन जारी रखा। पुलिस 21 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर झाझरा चैकी ले गई।

21 कर्मचारी गिरफ्तार

झाझरा चैकी में देर रात 12 बजे प्रशासन के अधिकारी झाझरा चैकी आते हैं और 21 कर्मचारियों को ये बोला जाता है आप लोगों की मांग जायज है। आपने कोई कानून नहीं तोड़ा है। आप सब किसी भी रूप मे आरोपी नहीं हो। अधिकारी बोलते हैं आपकी मांग और पीड़ा जायज है। 11 साल बाद बेरोजगार करना, गलत हुआ है और आपने कोई कानून नहीं तोड़ा है। इसलिए आपको जेल मे नहीं डाल सकते। रात 1 बजे पुलिस ने गिरफ्तार 21 कर्मचारियों को परेड ग्राउंड धरना पर खुद ही छोड़ दिया।

कर्मचारियों ने किये सवाल

अब सवाल ये है कि मांग जायज है। पीड़ा अधिकारीयों में भी है। लेकिन, ये भी सवाल है कि सत्ता के दबाव में प्रदर्शन कर रही महिला कर्मचारियों और अन्य साथियों के साथ पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया। अगर कानून नहीं तोड़ा तो, क्यों कर्मचारियों को 24 घंटे से ज्यादा जेल परिसर में रखा गया ? इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top