भारत आने वाले लड़ाकू विमान राफेल का भारतीय वायु सेना के वाइस चीफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया ने परिक्षण किया और फ्रांस में खुद इस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी. इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘यह एक बहुत अच्छा अनुभव था. यहां हमने इससे जुड़े कई पाठ सीखे हैं कि कैसे हम राफेल का भारतीय वायु सेना में बेहतर उपयोग कर सकते हैं.

इसके अलावा हम यह भी जानेंगे कि एसयू-30 के साथ इसका संयोजन किस तरह किया जा सकता है.’  भदौरिया ने कहा, ‘भारतीय वायु सेना में टेक्नालॉजी और हथियार के रुप में राफेल एक बार फिर गेम चेंजर साबित होगा. आने वाले सालों में यह आक्रामक मिशनों और युद्ध जैसी स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

रफाल में उड़ान के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुखद अनुभव था. यहां पर उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला है. भदौरिया ने कहा कि रफाल के वायुसेना में शामिल होने के बाद इसका शानदार उपयोग किया जा सकेगा. सुखोई-30 के साथ इसका तालमेल बैठाने का प्रयास किया जाएगा.

वाइस एयर चीफ मार्शल ने कहा कि रफाल के वायुसेना में शामिल होने के बाद सीमा पर मुस्तैदी अधिक बढ़ जाएगी. इसकी मदद से भारत अपनी सीमा से पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ठिकानों को बर्बाद करने की क्षमता रखता है. सुखोई और राफेल विमान एक साथ ऑपरेट होना शुरू हो जाए तो फिर पाकिस्तान दोबारा अपनी नापाक हरकत नहीं कर पाएगा. रफाल विमान हमारी वायुसेना के लिए गेमचेंजर साबित होगा.

गौरतलब है कि अप्रैल 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि भारत फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदेगा. भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर 2016 को 36 राफेल विमान खरीदने पर समझौता हुआ था.





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