देहरादून: उत्तराखंड उद्योग विभाग युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषाएं पढ़ाएगा। प्रस्ताव तैयार किया है कि प्रदेश के युवाओं को जर्मन, फ्रेंच, अमेरिकन जैसी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईटी विभाग की ओर से ऋषिकेश और पिथौरागढ़ में ग्रोथ सेंटर स्थापित करने की तैयारी में है। इन प्रस्तावों को स्वीकृति मिल गई है। सरकार का दावा है कि इन भाषाओं को प्रशिक्षण लेने के बाद पलायन रुकेगा।

त्रिवेंद्र रावत सरकार ने पलायन रोकने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। आईटी विभाग ने ग्रोथ सेंटर के पांच प्रस्ताव सरकार को भेजे थे। ऋषिकेश और पिथौरागढ़ ग्रोथ सेंटर को स्वीकृति मिल गई है। इन ग्रोथ सेंटरों में फॉरेन लैंग्वेज, आईटी, कंप्यूटर लैंग्वेज समेत 100 प्रशिक्षण कोर्स शुरू करेगा।

युवाओं को फ्रेंच, जर्मन, अमेरिकन समेत अन्य देशों की भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है, तो उन्हें गाइड के तौर पर रोजगार मिल सकता है। साथ ही बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) व नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) सेक्टर में फॉरेन लैंग्वेज में प्रशिक्षित युवाओं को काफी डिमांड है। अभी तक विभिन्न विभागों की ओर से ग्रोथ सेंटर के 120 प्रस्ताव सरकार को भेजे गए। इसमें 58 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।





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