जम्‍मू एवं कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्‍छेद 370 को अप्रभावी बनाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद यहां हालात सामान्‍य होने लगे हैं.

जम्‍मू-कश्‍मीर में जहां स्‍कूल-कॉलेजों में छात्रों-छात्राओं की सामान्‍य गतिविधियां शुरू हो गई हैं, वहीं सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही सामान्‍य तरीके से जारी है. यहां शुक्रवार को जुमे की नमाज भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्‍न हो गई.

इस बीच जम्‍मू-कश्‍मीर के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने कहा कि जिस तरह जुमे की नमाज अदा करने के लिए लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति दी गई, उसी तरह लोगों को ईद-उल-अजहा भी पारंपरिक तरीके से मानाने की अनुमति दी जाएगी. उन्‍होंने राज्‍य में विभिन्‍न स्‍थानों पर मवेशी मंडियों का भी जायजा लिया, जहां ईद के अवसर पर बकरियों की खरीद बिक्री होती है.

आवश्‍यक सामानों की बिक्री करने वाली कई दुकानें भी विभिन्‍न स्‍थानों पर खुली हैं. राज्‍यपाल ने इन दुकानों में राशन की उपलब्‍धता को भी परखा. बताया जाता है कि ईद-उल-अजहा को ध्‍यान में रखते हुए राज्‍य में विभिन्‍न स्‍थानों पर दो लाख से अधिक बकरियों और करीब 30 लाख मुर्गियों की बिक्री के प्रबंध किए गए हैं.

जम्‍मू-कश्‍मीर पर केंद्र सरकार के फैसले का हालांकि घाटी में छिटपुट विरोध भी हो रहा है. शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कुछ लोगों ने विरोध में रैली निकालने की कोशिश की तो अराजक तत्‍वों ने सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कुछ लोगों के घायल होने की बात भी सामने आई. लेकिन सुरक्षा बलों ने संयम से काम लिया और हालात पर तुरंत काबू पा लिया.

केंद्र सरकार के फैसले के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में धारा 144 लागा दी गई थी, जिसके तहत चार से अधिक लोगों के एक साथ किसी जगह एकत्र होने पर पाबंदी है. इसके बावजूद शुक्रवार को यहां लोगों को मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई. इस दौरान भी किसी तरह की अप्रिय वारदात नहीं हुई और जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्‍न हो गई. उधमपुर, कठुआ और सांबा जिलों में जहां स्‍कूल एक बार फिर से खुले, वहीं श्रीनगर में भी सड़कों पर लोगों की सामान्‍य आवाजाही देखने को मिली.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top