भारत देश एकता औऱ अखंडता का देश है. जहां कई धर्म के लोग रहते हैं और एकजुट होकर रहते हैं. इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला बिहार के मुजफ्फरपुर में. जहां कई मुस्लिम परिवारों ने सावन के आखिरी सोमवार होने की वजह से बकरे की कुर्बानी न देने का फैसला किया है जो की दर्शाता है कि भारत देश में हर कोई एक दूसरे के धर्म की इज्जत और सम्मान करता है.

जी हां आपको बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में कई मुस्लिम परिवार मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर के आसपास के रहने वाले हैं। जिन्होंने बकरीद के दिन कुर्बानी न देने का ऐलान शनिवार को किया गया। इसका निर्णय बाबा गरीबनाथ मंदिर के समीप स्थित छाता बाजार मस्जिद के इमाम मौलाना शहीदुज्जमां की अध्यक्षता में लिया गया है।

बाबा गरीबनाथ मंदिर पूरे मुजफ्फपुर जिले में प्रसिद्ध है। सावन की अंतिम सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए डेढ़ से दो लाख तक कांवरिए और शिव भक्त मंदिर में उमड़ते हैं। यहां बड़े पैमाने पर मेला लगता है। हर गली और सड़क कांवरियों से पट जाती है। दैनिक भास्कर के अनुसार बाजार मस्जिद कमेटी के सचिव मो आजाद ने बताया कि कुर्बानी से कांवरिए और शिवभक्‍तों को परेशानी होगी। इसलिए मोहल्ले के सभी मुस्लिम परिवारों ने फैसला किया कि बकरीद तीन दिनों तक चलने वाला पर्व है। यदि ऐसे में पहले दिन कुर्बानी न की जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी।





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