स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्बोधन के प्रमुख अंश:

  • आज जब देश आजादी का पर्व मना रहा है उसी समय देश के अनेक भागों में अति वर्षा, बाढ़ के कारण लोग कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। कई लोगों ने अपने स्वजन खोये हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।
  • देश आजाद होने के बाद से इतने वर्षों में देश की शांति और सुरक्षा के लिए अनेक लोगों ने अपना योगदान दिया है। आज मैं उन सबको भी नमन करता हूं।
  • आज जब हम आजादी का पर्व को मना रहे हैं तब देश की आजादी के लिए अपना जीवन देने वाले, जवानी जेल में काटने वाले, फांसी के फंदे को चूम लेने वाले, सत्याग्रह के माध्यम से आजादी के स्वर भरने वाले, सभी बलिदानियों, त्यागी-तपस्वियों को मैं नमन करता हूं।
  • अभी इस सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में भी सभी क्षेत्रों और दिशाओं में हर प्रकार के प्रयासों को बल दिया गया है और नए आयाम दिए गए हैं।
  • अगर 2014 से 2019 आवश्यकताओं की पूरी का दौर था, तो 2019 के बाद का कालखंड देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है, उनके सपनों को साकार करने का कालखंड है।
  • 2019 में 5 साल के बाद प्रत्येक देशवासी के दिल और दिमाग में सिर्फ और सिर्फ देश रहा।हम ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास’ के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया।
  • 2014-19 तक पांच साल आपने मुझे सेवा का अवसर दिया,तब आवश्यकताओं की पूर्ति का दौर था और अब आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है।
  • इस चुनाव में मैंने देखा था और उस समय कहा भी था कि इस चुनाव में ना कोई नेता, ना मोदी और न कोई मोदी का साथी चुनाव लड़ रहा है।बल्कि 130 करोड़ देशवासी अपने सपनों के लिए चुनाव लड़ रहे थे।
  • किसानों को आज 90 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में दिए जा रहे हैं। हम मजदूर भाइयों और किसानों को पेंशन देने के लिए भी कदम बढ़ा रहे हैं।हमने जलसंकट से निपटने के लिए अलग से मंत्रालय बनाया।
  • जब समाधान, संकल्प, सामर्थ्य और स्वाभिमान हो, तब सफलता के आड़े कोई नहीं आ सकता।
  • हमने हमारी मुस्लिम बहनों को सामान अधिकार देने के लिए ट्रिपल तलाक के विरूद्ध ये महत्वपूर्ण निर्णय लिया।ये निर्णय राजनीति के तराजू से तोलने के निर्णय नहीं होते हैं, बल्कि सदियों तक माताओं-बहनों के जीवन की रक्षा की गारंटी देते हैं।
  • पिछले 70 साल की व्यवस्थाओं ने जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद तथा आतंकवाद को जन्म दिया है, परिवारवाद को बढ़ावा दिया है और भ्रष्टाचार तथा भेदभाव को मजबूती दी। जम्मू-कश्मीर के सभी भाई बहनों को समान अधिकार मिले इसके लिए और उनके सपनों को आजादी देने का काम हमने किया है।
  • अनुच्छेद 370 के कारण घाटी के लोगों को कई सुविधाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा था।वहां पर भ्रष्टाचार और अलगाववाद ने अपने पैर जमा लिए थे। वहां के दलितों, गुर्जर समेत अन्य लोगों को उनके अधिकार नहीं मिल पा रहे थे जो अब उन्हें मिलने वाले हैं।
  • अगर अनुच्छेद 370 इतना ही महत्वपूर्ण था तो 70 साल तक भारी बहुमत के बाद भी पूरानी सरकारों ने उसे स्थाई क्यों नहीं किया। लेकिन आप भी जानते थे ये सही नहीं है, पर इसे हटाने की आपको हिम्मत नहीं थी।मेरे लिए देश का भविष्य ही सब कुछ है, राजनीतिक भविष्य कुछ नहीं।
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सुख-समृद्धि और शांति के लिए भारत के लिए प्रेरक बन सकता है और भारत की विकास यात्रा में बहुत बड़ा योगदान दे सकता है।
  • जीएसटी के माध्यम से हमने वन नेशन-वन टैक्स के सपने को पूरा किया, ऊर्जा के क्षेत्र में वन नेशन-वन ग्रिड को भी पार किया। वन नेशन-वन मोबिलिटी कार्ड की व्यवस्था को हमने विकसित किया।अब देश में व्यापक रूप से चर्चा हो रही है कि एक देश-एक साथ चुनाव।
  • हम समस्याओं को टालते भी नहीं और पालते भी नहीं हैं।
    जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुए, वो नई सरकार बनने के बाद 70 दिन के भीतर ही हो रहे हैं।अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने का काम संसद के दोनों सदनों ने दो तिहाई बहुमत से पास करके कर दिया।
  • हर घर में जल पहुंचाने के लिए, पीने का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए आज मैं लाल किले से घोषित करता हूं कि आने वाले दिनों में हम जल-जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेंगे। आने वाले दिनों में इसके लिए साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा रकम खर्च की जाएगी।
  • हमारे यहां जो जनसंख्या विस्फोट हो रहा है, ये आने वाली पीढ़ी के लिए अनेक संकट पैदा करता है। लेकिन ये भी मानना होगा कि देश में एक जागरूक वर्ग भी है जो इस बात को अच्छे से समझता है।
  • भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद ने देश का नुकसान किया है। इसे व्यवस्था से निकालने के लिए हम लगातार प्रयास करते रहे हैं। हमें इसमें सफलता भी मिली है, लेकिन ये बीमारी इतनी फैली है कि इसके लिए हर स्तर पर निरंतर प्रयास करना होगा।
  • जिस तरह देशवासियों ने स्वच्छता के लिए अभियान चलाया, अब समय आ गया है कि पानी को बचाने के लिए भी कुछ ऐसा ही किया जाए।पानी को बचाने के लिए हमें 4 गुना रफ्तार से काम करना होगा।




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