गंगोत्रीः फोटो बाबा स्वामी सुंदरानंद उर्फ फोटो बाबा का 71 साल का सपना साकार होने जा रहा है। इस गैलरी में हिमालय में 71 साल में आए बदलावों को 1000 तस्वीरों को पेश किए जाएगा। यह गैलरी ई-कोफ्रेंडली है। आंध्र प्रदेश के रहने वाले 94 साल के स्वामी सुंदरानंद 1948 से गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में साधना कर रहे हैं। वे उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्था के पहले छात्र है। 2002 में उनकी तस्वीरें सिंगापुर से हिमालय-रू द लैंस ऑफ साधु में प्रकाशित हो चुकी हैं।

1948 से अब तक सिर्फ तस्वीरों में गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में दशकों से तप साधना के साथ हिमालय में आ रहे बदलावों को अपने कैमरे में कैद करने वाले फोटो बाबा स्वामी सुंदरानंद की साधना साकार होने जा रही है। स्वामी तपोवन महाराज के शिष्य फोटो बाबा स्वामी सुंदरानंद 1948 से गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में तप साधना कर रहे हैं। 71 साल का हर हिमालयी बदलाव की तस्वीर पिछले सात दशकों में बाबा हिमालय का चप्पा-चप्पा छान चूके हंै। विशेष बात इस अवधि में यह रही कि हिमालय में आये तमाम बदलाव को उन्होंने बड़ी खूबसूरती के साथ अपने कैमरे में कैद किया है। गंगोत्री के गंगोत्री धाम में बीते एक दशक से बन रही तपोवनम् हिरण्यगर्भ आर्ट गैलरी (हिमालय तीर्थ) तैयार हो चुकी है। ढाई करोड़ की लागत से आर्ट गैलरी तैयार की गई है।

इस गैलरी में स्वामी सुंदरानंद की खींची हजारों दुर्लभ तस्वीरों को लेमिनेट कर सजाया गया है। तैयारियां पूरी 13 सितंबर को उद्घाटन गंगोत्री में तैयार हो चुकी पांच मंजिला आर्ट गैलरी में तीन मंजिल ऐसी हैं, जिनमें मुख्य द्वार से लेकर सीढ़ियों और दीवारों पर हर जगह हिमालय की कंदराएं, चोटियां, घाटियां, लोक संस्कृति और पौराणिक लोक जीवन को जीवंत करती हजारों तस्वीरें लगी हैं। गंगोत्री में तीन करोड़ रुपए की लागत से बनी तपोवनम हिरण्यगर्भ आर्ट गैलरी का यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, आरएसएस के सह कार्यवाहक सुरेश सोनी 13 सितंबर को उद्घाटन करेंगे। जिसकी तैयारी जोरों पर है।1000 हजार दुर्लभ तस्वीरेंगैलरी में हिमालय की 1000 हजार दुर्लभ तस्वीरों के अलावा करीब एक लाख फोटो डिजिटल फॉर्मेट में हैं।

ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के शौकीन बाबा ने सिर्फ गंगोत्री और गोमुख ग्लेशियर की ही 50 हजार से ज्यादा तस्वीरें और ओम पर्वत समेत एक दर्जन से अधिक चोटियों, ट्रैक रूट, ताल, बुग्याल, वन्य जीव, वनस्पति व पहाड़ की संस्कृति को दर्शाती तस्वीरें कैमरे में कैद की हैं।2002 में इन तस्वीरों का संकलन2002 में इन तस्वीरों का संकलन अपनी पुस्तक थ्रो दी लांस को साधु का सिंगापुर में प्रकाशित किया था। जिसके बाद से बाबा को फोटो बाबा के नाम से जाने जाना लगा। गंगोत्री के पास तैयार हुई आकर्षण आर्ट गैलरी में जंहा हिमालय की खूबसूरती पर्यावरण पहाड़ की आर्थिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।इसके अलावा गंगा हिमालय का सामाजिक धार्मिक महत्व से लोग रूबरू होंगे।





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