एक तरफ पाकिस्तान पूरी कोशिश में है कि किसी भी तरह वह एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकल आए, तो वहीं दूसरी तरफ वह अपनी हरकतों से भी बाज नहीं आ रहा है. आतंक को पनाहगाही देना और उग्रवादी नीतियां उसकी वो बुरी आदत बन चुकीं हैं, जिससे पाकिस्तान छोड़ नहीं पा रहा है.

अपनी इसी आदत के आदि और आतंकियों के आका पाकिस्तान ने भारत-पाक नियंत्रण रेखा के पास सात लॉन्चिंग पैड्स को दोबारा एक्टिव किया है, ताकि वो जिहादियों को भारत में दाखिल करा सकें.

मीडिया रिपोर्ट्‌स के मुताबिक, पाकिस्तान करीब 275 जिहादियों को जम्मू-कश्मीर में घुसपैठी कराने की खतरनाक योजना में है. इन आतंकियों में अफगानी और पश्तून के आतंकी भी शामिल हैं. आपको बता दें कि पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब उसका एक 15 सदस्यीय दल बैंकॉक में एफएटीएफ को ये हिसाब देने पहुंचा है कि उसके देश ने आतंक को रोकने के लिए क्या किया है. और इसी आधार पर आगामी अक्टूबर में उसके भाग्य का फैसला होना है.

एक उच्च अधिकारिक सूत्र ने मीडिया को बताया कि हालांकि, कश्मीर में दहशत फैलाने की पाक की योजना में अफगान और पश्तून जिहादियों की भागीदारी अभूतपूर्व नहीं है, यह काफी असामान्य है. यह सिलसिला 1990 से चला आ रहा है.

एक मीडिया हाउस ने दावा किया है कि उनके हाथ कुछ ऐसे दस्तावेज लगे हैं, जिनमें पाकिस्तान की चाल का खुलासा हुआ. दस्तावेजों के आधार पर पता चला है कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने एलओसी के पास अधिक से अधिक आतंकियों को घुसाने के लिए लॉन्चपैड तैयार किए हैं. उनके निशाने पर उत्तरी कश्मीर का गुरेज सेक्टर बताया जा र हा है.

अभी तक पता चला है कि करीब 80 आतंकी गुरेज सेक्टर में, 60 मच्छल, 50 कारनाह, 40 केरान, 20 उरी, 15 नौगम और 10 रामपुर में अपना डेरा डाले बैठे हुए हैं.

आपको बता दें कि इन लॉन्चिंग पैड को फरवरी में पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान ने बंद कर दिया था. उस वक्त के वैश्विक दबाव और भारत के आक्रामक रवैए से घबराए पाक ने आतंकियों को छुपाना ही मुनासिब समझा था. इसके बाद भारत ने पाक सीमा के अंदर जाकर बालाकोट के आतंकी कैंपों पर एयरस्ट्राइक की थी.

हालांकि, कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान भारत में हिंसा करने की धमकी दे रहा है. इसी की तैयारी में उसने ये कदम उठाया है. बता दें कि इससे पहले भी सियालकोट में पाक ने अचानक ही सैनिकों की संख्या बढ़ा दी थी.

साभार -पत्रिका





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