अब से लगभग 14 साल पहले अपनी मौत की भविष्यवाणी कर देश-दुनिया में मीडिया की सुर्खियां बने कुंजीलाल अब नहीं रहे. कहा जाता है कि करवा चौथ के दिन पत्नी ने उनकी लंबी उम्र की दुआ मांगी थी, इसलिए उनकी भविष्यवाणी विफल हो गई थी. इसी कहानी पर ‘पिपली लाइव’ फिल्म भी बनी थी.

बैतूल जिले के सिहरा गांव के कुंजीलाल ने 20 अक्टूबर, 2005 को करवा चौथ के दिन अपनी मौत की भविष्यवाणी की थी. इसके चलते देश के तमाम समाचार चैनलों के ओवी वैन ने इनके गांव में डेरा जमा लिया था और इस घटना को यानी कुंजीलाल की मौत का सीधा प्रसारण दिखाने की चैनलों में होड़ मच गई थी.

स्थानीय लोग बताते हैं कि 20 अक्टूबर, 1930 को जन्मे कुंजीलाल सेहरा गांव के रहने वाले थे. वह अपने पूर्वजों के दिए पांसे और रमल विद्या के जरिए भविष्यवाणी किया करते थे. उनकी इस विद्या के चलते दूर-दूर से लोग उनके पास भविष्य जानने आया करते थे.

वयोवृद्ध कुंजीलाल का निधन शुक्रवार को हो गया, उनकी अंत्येष्टि शनिवार को उनके पैतृक गांव में की गई.

वरिष्ठ पत्रकार इरशाद हिंदुस्तानी ने उन दिनों की याद करते हुए बताते हैं कि कुंजीलाल ने करवा चौथ के दिन अपनी मौत की भविष्यवाणी की थी. इस भविष्यवाणी के बाद देश-दुनिया में मशहूर हुए कुंजीलाल की मौत को दिखाने की देश के कई न्यूज चैनलों पर 12-12 घंटे लाइव टेलीकास्ट किया गया था, लेकिन कुंजीलाल की उस दिन मौत नहीं हुई थी. इसके बाद यह तर्क दिया गया था कि करवा चौथ पर उनकी पत्नी ने पति की लंबी उम्र की दुआ मांगी थी, इसलिए उनकी मौत नहीं हुई.

कुंजीलाल की इसी कहानी पर बाद में उनके गांव सेहरा के करीबी स्थित पिपला के नाम पर ‘पिपली लाइव’ फिल्म भी बनी थी. इसमें कर्ज से परेशान किसान नत्था ने अपनी ही मौत की भविष्यवाणी की थी. इस फिल्म के सामने आने के बाद कुंजीलाल ने फिल्म की डायरेक्टर और निर्माता आमिर खान और अनुशा रिजवी को नोटिस भेजकर उनकी कहानी पर फिल्म बनाने पर आपत्ति की थी.





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