एफएटीएफ की एशिया पैसिफिक ग्रुप ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल रखा और ब्लैक लिस्ट की तलवार लटक रही है. इन सबके बीच एफएटीएफ का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ इमरान सरकार पुख्ता कदम उठाने में नाकाम रही है.

द एशिया पैसिफिक ग्रुप का कहना है कि यूएनएससीआर 1267 की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में पाकिस्तान नाकाम रहा है. मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद खुलेआम घूम रहा है. इसके साथ लश्कर, जमात उद दावा और फलह ए-इंसानियत बिना रोक टोक काम कर रहे है.

एपीजी ने म्यूचुअल इवैल्यूएशन रिपोर्ट ऑफ पाकिस्तान में कहा है कि इमरान सरकार को उन आतंकी संगठनों और उनके वित्तीय स्रोतों को पहचान करने के साथ साथ कार्रवाई करनी होगी. एपीजी का कहना है कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की बात वो सिर्फ शब्दों से ना करे. ग्रे लिस्ट में डाले जाने से पहले ही पाकिस्तान से यह कहा जा रहा है कि वो पुख्ता तौर पर आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे.

आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने के लिए एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 15 महीने का समय दिया था. इसके साथ ही नकेल कसने के लिए उसे ग्रे लिस्ट में भी डाल दिया गया. एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 27 बिंदुओं पर काम करने का निर्देश दिया था. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक इमरान सरकार ने कदम नहीं उठाया. फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स की निर्णायक बैठक 13 से 18 अक्टूबर के बीच पेरिस में होने वाली है.





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