हरियाणा में बहुमत से 14 सीटें कम होने के बावजूद कांग्रेस को दुष्यंत चौटाला की जजपा और भाजपा से निकले ज्यादातर निर्दलीय विधायकों के समर्थन से प्रदेश में सरकार बनाने की उम्मीद है. पार्टी नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी ने कहा कि पार्टी राज्य में सरकार बनाने का प्रयास करेगी. वे यहां कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर मीडिया से बात कर रही थीं.

सोनी यहां नागरिकता संशोधन विधेयक, क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) और संसद के महत्वपूर्ण शीतकालीन सत्र जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कांग्रेस के रुख पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए आई थीं.

इस दौरान यहां पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, राजीव साटव, रणदीप सिंह सुरजेवाला, जयराम रमेश, ए.के. एंटनी, सुष्मिता देव, गुलाम नबी आजाद, अधीर रंजन चौधरी, अंबिका सोनी, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया और मोहसीना किदवई भी मौजूद थे.

लोकसभा में पार्टी नेता चौधरी ने हरियाणा में पार्टी के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए इसे ‘प्रेरणादायक’ बताया.

महाराष्ट्र स्क्रीनिंग कमेटी (एमएससी) अध्यक्ष सिंधिया ने हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनाव के परिणामों को अच्छा बताया और विधानसभा चुनावों में कड़ी मेहनत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी.

हरियाणा में 40 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत के लिए उसे अभी भी छह सीटों की जरूरत है.

वहीं कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 31 सीटों पर जीत दर्ज की. पिछले विधानसभा चुनावों में उसे 15 सीटें मिली थीं.

भाजपा को जहां 36.49 प्रतिशत वोट मिला, वहीं कांग्रेस को 28.08 वोट मिले.

एक साल से भी कम समय की जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है और सात सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की.

वहीं महाराष्ट्र मे कांग्रेस और राकांपा गठबंधन ने 98 सीटों पर जीत दर्ज की. पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 42 और राकांपा ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी.





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