टिहरी: टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग की खींचातानी काला पानी की सजा काट रहे हजारों ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। ग्रामीणों को मजबूरन घरों में कैद होना पड़ रहा है। त्योहारी सीजन होने के कारण इन दिनों लोग घर आ रहे हैं, लेकिन टिहरी झील के उस पार रहने वाले लोगों के लिए राह आसान नहीं है। टिहरी झील में बोट चलाने वाले ऑपरेटरों ने बोट संचालन से इंकार कर दिया है। जिस कारण हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

टिहरी डैम की झील बनने के बाद से टिहरी झील से सटे गांवों के आवागमन के लिए पुर्नवास विभाग की ओर से बोटों का संचालन किया गया। जिसका सारा खर्चा टीएचडीसी वहन करता है। टिहरी झील से होकर कोटी से रोलाकोट, गडोली, नौताड़, डोबरा, छाम, बुल्डोगी समेत 12 से अधिक गांवों के लोग परेशान हैं।

इन गांवों के लोग रोजाना अपने रोजमर्रा के कामों के लिए फेरी बोट से सफर करते हैं। आज सुबह से बोट संचालन ठप कर दिया गया। ग्रामीण घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन बोट का संचालन शुरू न होने से उन्हें करीब 40 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर जाना पड़ रहा है। अधिकारियों की मानें तो बोट संचालन शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।





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