हरिद्वार : पूरा उत्तराखंड राज्य इन दिनों डेंगू और वायरल बुखार की चपेट में है. डेंगू से कई लोगों की मौत हो चुकी है जबकि वायरल बुखार का प्रकोप रुड़की शहर में जारी है. आपको बता दें कि रुड़की के भगवानपुर में 2 गांवों के 20 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थय विभाग नींद में है. इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है और इसमे झोलाछाप डॉक्टरों की चांदी चांदी हो रही है. कई डॉक्टर बिन डिग्री औऱ अनुभव के क्लीनिक खोले हुए हैं जिनपर कार्रवाई की गई है. आपको बता दें कि सिर्फ हरिद्वार में ही नहीं पूरे उत्तराखंड में कई ऐसे क्लीनिक खुले हैं जो लोगों की स्वास्थय से खिलवाड़ कर रहे हैं औऱ लोगों को भनक भी नहीं है.

सीएमओ हरिद्वार की बड़ी छापेमारी

वहीं ऐसी ही शिकायत पर सीएमओ हरिद्वार सरोज नैथानी ने रुड़की के रामपुर गांव स्थित एक निजी अस्पताल में छापा मारा. इस छापेमारी से आसपास हड़कंप मच गया. उनको शिकायत मिली थी कि शहर में कई अस्पताल अवैध रुप से चल रहे हैं औऱ कई डॉक्टर ऐसे हैं जिनके पास डिग्री नहीं औऱ कुछ प्रैक्टिस कर लोगों का इलाज कर उनकी जिंदगियों से खेल रहे हैं. ऐसे में कड़ा एक्शन लेते हुए हरिद्वार सीएमओ ने छापेमारी की जिसके बाद  की खरब सुन अस्पताल संचालक और स्टाफ निरीक्षण से पहले ही फरार हो गए.

डॉक्टर बिन डिग्री

सीएमओ हरिद्वार का कहना है कि कलियर थाना क्षेत्र के धनौरी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस टीम के साथ अवैध तरीके से झोलाछाप डाक्टरों की डिग्रियाों-दस्तावेजों की जांच की. इस दौरान प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के दस्तावेजों को अमान्य करते हुए एक क्लीनिक को भी सील कर दिया. आपको बता दें कि गांव के लोगों का इलाज ऐसे डाक्टर कर रहे थे जिनको न अनुभव था और उनके पास डिग्रियां थी.





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