काठमांडु।….जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद 31 अक्टूबर से कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में आधिकारिक रूप से बांट दिया है. इसके बाद भारत सरकार ने देश का एक नया राजनीतिक मानचित्र (मैप) जारी किया था. हालांकि, कुछ पड़ोसी देश इससे खुश नजर नहीं आ रहे। पाकिस्तान के अलावा नेपाल ने भी इस मैप को लेकर आपत्ति जताई है.

कालापानी इलाके को लेकर विवाद

दरअसल, नेपाल ने इस नए मानचित्र में कालापानी को भारतीय सीमा में कथित तौर पर दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है. नेपाल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि देश के सुदूर पश्चिमी इलाके स्थित कालापानी नेपाल की सीमा में है.

इस बारे में नेपाल की स्थानीय मीडिया की ओर से जानकारी मिल रही है. रिपोर्ट में दावा किया गया कि कालापानी नेपाल के धारचुला जिले का हिस्सा है, लेकिन इस मानचित्र में इसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का हिस्सा दर्शाया गया है.

विदेश सचिव स्तर पर होगी बात

शनिवार को जारी किए गए इस नए मानचित्र पर नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘कालापानी का इलाका हमारी सीमा में आता है.’ मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा, ‘भारत और नेपाल के विदेश सचिव स्तर की संयुक्त बैठक कर सीमा संबंधी मुद्दों को सुलझाया जाएगा. इन मामलों में संबंधित विशेषज्ञों की मदद से दोनों देशों के विदेश सचिवों को विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

सीमा संबंधित लंबित सभी मुद्दों को आपसी समझ से सुलझाया जाना चाहिए। नेपाल सरकार किसी तरह की एकतरफा कार्रवाई स्वीकार नहीं करेगा.’ आपको बता दें कि इस संबंध में जब मीडिया ने विदेश मंत्रालय के अवर सचिव सुरेश अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि फिलहाल मंत्रालय सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहा है.





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