नैनीताल : पिछले साल के चर्चित पूनम पांडे हत्याकांड में पुलिस अब तक कुछ सुराग हाथ नहीं लगा पाई है. अब तक पुलिस के हाथ पूनम पांडे हत्याकांड के मामले में खाली है. इस मामले सुराग का अंतिम उम्मीद बना पॉलीग्राफ टेस्ट भी रुद्रपुर में हुआ था जिसमे बेटी अर्शी समेत तीन लोगों से चार घंटे में 60 सवाल पूछे गए। अब 15 दिन बाद इस टेस्ट की रिपोर्ट आई लेकिन फिर भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा. काफी समय बीत गया लेकिन पुलिस लगता है कि उस मामले के गंभीरता से नहीं ले रही है और हाथ पर हाथ धरे बैठी है.

ये है पूरा मामला

दरअसल 26 अगस्त की रात गोरापड़ाव निवासी खनन कारोबारी लक्ष्मीदत्त पांडे के घर में घुसे बदमाशों ने बड़ी बेरहमी से पत्नी पूनम की हत्या कर दी थी और बेटी अर्शी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस की कई टीमें घटना के खुलासे में लगाई गई लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। वहीं घर से गायब स्कूटी बरामद होने पर एक बार पुलिस को लगा कि अब कातिल पकड़े जाएंगे लेकिन फिर भी कुछ नहीं पुलिस के हाथ लगा. जिसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर एसआइटी गठित की गई, पर यह टीम भी सफल नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट का सहारा लिया। कोर्ट से बेटी अर्शी, उसकी दोस्त प्रिया व एक अन्य युवक अंकित का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मिलने पर सीबीआइ से संपर्क साधा गया। बुधवार शाम टीम ने पूनम के घर पर पहुंच पूरी केस हिस्ट्री समझी। रुद्रपुर स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल शरण ने बताया कि गुरुवार को एफएसएल सीबीआइ के प्रधान वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. एके सिंह के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम ने तीनों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया। अर्शी, प्रिया व अंकित से घटना से जुड़े बीस-बीस सवाल पूछे गए। संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल ने बताया कि 15 दिन बाद पॉलीग्राफ टेस्ट की फाइनल रिपोर्ट आई. वहीं पुलिस एक अदद सुराग की तलाश को लेकर पुलिस की निगाहें इस रिपोर्ट पर टिकी है लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ

एक साल से ऊपर का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली है और आरोपी खुले में घूम रहा है.





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