गुरुवार को अयोध्या मामले पर फैसले की घोषणा से पहले क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने तलब किया है. मिली जानकारी के मुताबिक सीजेआई रंजन गोगोई वरिष्‍ठ अधिकारियों से उत्तर प्रदेश में की जा रही सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेंगे. डीजीपी ओपी सिंह और चीफ सेक्रेटरी राजेंद्र तिवारी दोनों एक ही दिन में सीजेआई से उनके चैंबर में मिलेंगे.

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडे अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. वे आज अयोध्या के फैसले से पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई से मिलेंगे.

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने का आदेश दिया है. अयोध्या को मे भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. वहीं सीएम योगी ने प्रदेश में हर हाल में शांति बनाए रखने के लिए अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहने और शरारती तत्वों एवं माहौल खराब करने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखने को कहा है.

साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. बता दें कि गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर बैठक की थी. बैठक में यूपी डीजीपी, राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी.

6 हजार लोगों को चिन्हित किया गया रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य पुलिस ने बरेली जोन में उन छह हजार से अधिक लोगों को चिन्हित किया है जो फैसले के बाद उपद्रव कर सकते हैं. ऐसे शरारती तत्वों को रेड कार्ड जारी किया गया है. कई अस्थाई जेलें भी बनाने का कार्य जारी है. बरेली जोन के शहर शाहजहापुर, बदायूं, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा और बिजनौर में चार हजार से अधिक ऐसे लोग चिन्हित किये गए हैं, ये वो लोग है जो बबाल करवा सकते हैं. इसके अलावा 90 ऐसे स्थान चिन्हित किये गए है जो संवेदनशील हैं





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