करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तानी वीडियो गीत में खालिस्तानी अलगाववादी नेताओं की तस्वीरों के इस्तेमाल पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि यह साफ तौर पर उनकी इस बात को सही साबित कर रहा है कि इस ऐतिहासिक कॉरिडोर के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का छिपा एजेंडा है.

गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर विधानसभा के विशेष सत्र से इतर मीडिया कर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि वह कॉरिडोर को खोलने की उनके प्रधानमंत्री (इमरान खान) द्वारा घोषणा करने के दिन से ही पाकिस्तान के फैसले में आईएसआई की भूमिका को लेकर चेतावनी दे रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही कॉरिडोर ने ऐतिहासिक मंदिर के दर्शन को लेकर पूरे सिख समुदाय के लंबे समय के सपने को साकार किया है, लेकिन भारत आईएसआई के खतरे को नजरअंदाज नहीं कर सकता. उन्होंने अत्यधिक सावधानी बरतने पर जोर दिया.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “यही वह चीज है, जिसे लेकर मैं शुरुआत से ही आगाह कर रहा हूं. उनका (आईएसआई) इसके पीछे एक नकारात्मक एजेंडा है. हमें बहुत सावधान रहना होगा.” उन्होंने कहा कि वीडियो ने आईएसआई की असली मंशा उजागर की है.

अमरिंदर सिंह ने कहा, “एक तरफ वे हमें मानवता व दया दिखा रहे हैं और दूसरी तरफ उनकी आईएसआई समर्थित 2020 खालिस्तान रेफरेंडम को बढ़ावा देने और यहां स्लीपर सेल बनाने के लिए भारतीय सिखों को लुभाने की मंशा दिख रही है.”

पाकिस्तानी वीडियो गीत में तीन खालिस्तानी अलगाववादी नेताओं के तस्वीरों के इस्तेमाल से विवाद शुरू हो गया है. इन अलगाववादी नेताओं को जून 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मार गिराया गया था.

अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठा ने हाल ही में कहा कि अमरिंदर आईएसआई के गेमप्लान के प्रति चेतावनी देकर कॉरिडोर को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. इस पर अमरिंदर ने कहा कि अकाली नेता सत्ता की लालच में अंधे हो गए हैं. वे अपने मामूली राजनीतिक हितों से आगे नहीं दे सकते.





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