हल्द्वानी : सालों इंतजार के बाद अब कुमाऊं की बहु प्रतिक्षित जमरानी बांध परियोजना अब परवान चढने को तैयार है, हाॅल ही में केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण की मंजूरी मिलने से इसके निर्माण कार्य को गति मिलेगी.हल्द्वानी में कुमाऊॅ कमीशनर राजीव रौतेला का कहना है कि जमरानी बांध को पर्यावरण से मंजूरी मिल गई जिसके बाद डूब क्षेत्र में आने वालों को विस्थापित किया जायेगा.

कमीशनर कुमाऊं का कहना है की जमरानी क्षेत्र के 6 गांव डूब क्षेत्र में आ रहे और 9 गांव डूब क्षेत्र के नीचे आ रहे हैं, जहां करीब 400 परिवार रहते हैं, जिनके विस्थापन को लेकर जिलाधिकारी नैनीताल वहां के लोगों से बात करने में लगे हुए हैं. जल्द ही राजस्व और सिचाई विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे किया जाना है.

वहीं कुमाऊं कमीशनर का कहना है कि जमरानी बांध परियोजना में ढाई हजार करोड़ रूपये से अधिक खर्च होने की उम्मीद है और इसके बनने के बाद से हल्द्वानी सहित तराई के जिलों के लोगों की प्यास बुझेगी, साथ खेतो की सिचाई भी हो सकेगी।

एक नजर में परियोजना  
कुल लागत                            2584 करोड़
तकनीकी स्वीकृति                 11 फरवरी 2019 को केंद्रीय जल आयोग ने प्रदान की
डूब क्षेत्र के लिए भूमि             351 हेक्टेयर, प्राप्त की जा चुकी है
वन स्टेज – 2                         अनुमति प्राप्त, 89 करोड़ रुपये जारी
अन्य स्वीकृतियां                     केंद्र के 17 विभागों से हासिल हो चुकी है





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