देहरादून :  चार धाम श्राइन बोर्ड बनाने के सरकार के फैसले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. चारों धाम के तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है. तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के इस निर्णय को काला कानून करार दिया है और सीएम आवास कूच करने की चेतावनी दी है.

तीर्थ पुरोहित तीन दिसंबर को करेंगे मुख्यमंत्री आवास कूच

वहीं एक सूत्रीय मांग को लेकर तीर्थ पुरोहित तीन दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। क्योंकि पुरोहित सरकार के इस फैसले के खिलाफ हैं. तीर्थ पुरोहितों को सरकार का ये फैसला कतई मंजूर नहीं है जिस पर अब पुरोहित सरकार के खिलाफ खड़़े हो गए हैं.

तीर्थ पुरोहितों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जायेगा-सीएम

इस पर सीएम ने शुक्रवार को बैठक के दौरान कहा कि जब हम कोई भी सुधार करते हैं तो उसकी प्रतिक्रिया होती ही है।सीएम ने कहा कि इस सम्बन्ध में तीर्थ पुरोहितों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ पुनर्निमाण कार्यों का भी प्रारंभ में विरोध हुआ था। उन्होंने कहा प्रदेश के चार धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से हिन्दु श्रद्धालु आना चाहते हैं, हमें अच्छे आतिथ्य के रूप में जाना जाता है। देश-विदेश के श्रद्धालुओं को उत्तराखण्ड के धार्मिक स्थलों पर आने का मौका मिले और उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हों इसके लिए कैबिनेट द्वारा श्राइन बोर्ड के गठन को मंजूरी दी गई है।





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