दिल्ली से सटे गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम इलाके में मंगलवार की सुबह एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. जिसमें एक सोसाइटी की 8वीं मंजिल से कूदकर एक शख्स ने दो महिलाओं संग 8वीं मंजिल से छलांग लगा दी. जिनमें से एक महिला और पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि एक महिला की अस्पताल में मौत हो गई. वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उनका फ्लैट खोला तो अंदर दो बच्चे औऱ खरगोश का शव भी बरामद हई. वहीं पुलिस को सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमे इसका कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.

मिली जानकारी के अनुसार मामला गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम इलाके के वैभव खंड स्थित कृष्णा सफायर सोसाइटी की आखिरी मंजिल पर के 806 नंबर फ्लैट का है. जिसमें गुलशन नाम का एक शख्स और पत्नी औऱ दो बच्चों संग संजना(कंपनी मैनेजर) और प्रवीण के साथ रहते थे. मंगलवार की सुबह गुलशन और उसकी पत्नी परवीन और संजना ने आठवीं मंजिल से छलांग लगाई. इस दौरान एक महिला और एक गुलशन की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई थी. लेकिन बाद में उसने भी दम तोड़ दिया. पुलिस ने जांच के दौरान उनके फ्लैट को खोल कर देखा तो पुलिस के भी होश उड़ गए. क्योंकि घर के अंदर 10 साल का लड़का और 12 साल की लड़की बेड पर मृत पड़े थे. घर के अंदर ही इन्हें एक खरगोश पाला हुआ था. वह खरगोश भी मृत पाया गया. और कमरे में ही एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.

जीन्स का कारोबारी थी गुलशन, घाटे में चल रहा था

सुसाइड नोट में सुसाइड करने का कारण आर्थिक तंगी बताया गया है. जिसके पीछे इनके सगे-संबंधी राकेश वर्मा पर इन्होंने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राकेश वर्मा पर गुलशन के तकरीबन डेढ़ से 2 करोड़ रुपये थे. जांच में पता चला है कि गुलशन की जींस की फैक्ट्री थी. जिसमें उसे घाटा हो गया था जिस कारण से वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. माना जा रहा है कि गुलशन के द्वारा पहले घर में पाले हुए खरगोश को मारा गया. उसके बाद दोनों बच्चों को गला दबाकर मारा गया.

संजना गुलशन की कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत थी

जानकारी मिलि कि संजना गुलशन की कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत थी. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है. यह भी बताया जा रहा है कि संजना गुलशन की कंपनी में पिछले 5 सालों से बतौर मैनेजर काम कर रही थी. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों के साथ गाजियाबाद के एसएसपी सुधीर कुमार सिंह खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

सुसाइड नोट में लिखा- हमारी लाशों को एक साथ जलाएं

परिवार डेढ़ महीने पहले ही आया था सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, उसपर रिश्तेदारों के फोन नंबर लिखे हैं। साथ में अंतिम संस्कार की बात भी लिखी है। इसमें लिखा है कि हमारी लाशों को एक साथ जलाएं।’ बच्चों के कमरे में एक बिल्ली भी मृत मिली है।

बताया जा रहा है कि परिवार इस अपार्टमेंट में डेढ़ महीने पहले ही आया था। चूंकि वे नए थे, इसलिए बहुत से लोग उनसे परिचित नहीं थे। सुसाइड नोट में राकेश वर्मा को तीनों की मौत का जिम्मेदार बताया गया है जिसकी पहचान गुलशन के सगे साढू के रूप में हुई है। सुसाइड नोट के साथ ही शवों के क्रिया कर्म के लिए 500-500 के नोट भी दीवार पर चिपकाकर छोड़े गए थे। 500 के नोटों के साथ ही एक बाउंस चेक भी छोड़ा गया था। पुलिस ने बताया कि इसी बाउंस चेक के चलते गुलशन के परिवार की हालत खस्ता हो गई थी और उन्होंने इतना बड़ा फैसला ले लिया जिससे पूरा परिवार खत्म हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपी साढू राकेश वर्मा चेक बाउंस के केस में पहले भी जेल जा चुका है।





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