श्रीनगर : पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने वाले आदिल डार के रिश्ते के भाई समीर डार के एक खुलासे ने सुरक्षा बलों की टेंशन बढ़ा दी है। समीर डार ने खुलासा किया है कि जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकवादियों के पास सामान्य स्‍टील से बने ऐसे कारतूस मौजूद हैं, जिनसे बख्तरबंद गाड़ियों को भी आसानी से भेदा जा सकता है। दुनियाभर में बैन इन कारतूसों  को कोई और नहीं बलिक चीन बनाता है और वहीं से आतंकियों को सप्‍लाइ होती है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ गई है।

मीर डार ने  2019 में भी जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को इसे कश्‍मीर घाटी में पहुंचाया था। समीर ने बताया कि आतंकवादियों के पास सामान्य बख्तरबंद गाड़ियों को भेदने में सक्षम स्टील के कारतूस सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद थे। समीर पुलवामा जिले के काकपोरा इलाके का रहने वाला है। उसे पुलिस ने शुक्रवार को तब पकड़ा था, जब वह जैश आतंकियों द्वारा सुरक्षाबलों पर गोलीबारी के बाद नगरोटा से भाग रहा था।

पिछले साल जून महीने में जम्‍मू-कश्‍मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों पर आतंकवादियों ने फिदायिन हमला किया। इस हमले में सीआरपीएफ के 5 जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक इन जवानों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखा था, इसके बाद भी ये गोलियां जवानों को छलनी करती हुई निकल गईं। सुरक्षाबलों की जांच में खुलासा हुआ कि आतंकवादियों ने स्‍टील से बनी बुलेट का इस्‍तेमाल किया जिसके सामने सुरक्षाबलों के बुलेटप्रूफ जैकेट बेदम साबित हुए।





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