रुड़का : दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर कई जगह धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। रुड़की के मंगलौंर में भी शाहीनबाग की तर्ज पर भारी संख्या में मुस्लिम महिलाएं हाथों में तिरंगा और सीएए, एनआरसी के विरोध में लिखी तख्तियां और बैनर लेकर अपने बच्चों सहित दरगाह शाह विलायत तिराहे पर धरने के लिए पहुंची। जिससे पुलिस महकमे और खुफिया विभाग में हड़कम्प मच गया, और आनन फानन में भारी पुलिस बल सीओ मंगलौर के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गया। प्रदर्शनकारी महिलाओ को सीओ मंगलौर और कोतवाल मंगलौर के द्वारा धरने पर बैठने से मना किया गया पर प्रदर्शनकारियों महिलाओ ने पुलिस अधिकरियो की एक ना सुनी और धरने पर डटी रही ।

बता दे कि मंगलौर में शाइन बाग की तर्ज पर लगभग दो दर्जन महिलाएं बच्चों सहित मोहल्ला किला स्थित दरगाह शाह विलायत तिराहे पर सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में मंगलवार की दोपहर पहुंच गयी थी। इसी बीच तुरन्त मंगलौर कोतवाल प्रदीप चौहान भी मौके पर पहुंचे और किसी तरह महिलाओ को समझा कर वापस भेजा। लेकिन बुधवार की देर शाम फिर बड़ी संख्या में प्रदर्शन करने के लिए मुस्लिम महिलाएं बच्चों सहित उक्त स्थान पर पहुंच गयी और सीएए, अनआरसी, इनपीआर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगी।

सीओ मंगलोर डी.एस. रावत ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की पर महिलाएं नहीं मानी और धरने पर बैठ गयीं। प्रदर्शनकारियों महिलाओं का कहना है कि जब तक ये काला कानून वापस नहीं लिया जाएगा वह प्रदर्शन करती रहेंगी। इस दौरान महिलाओं ने एक सुर में कहा कि प्रोटेस्ट करना उनका संविधानिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन उन्हें रोक रहा है। उन्होंने साफ कहा सरकार जबतक कानून वापस नहीं लेता वह सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करती रहेंगी।

आपको बता दें दिल्ली के शाहीनबाग में लगभग डेढ़ माह से मुस्लिम महिलाएं सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रही हैं। इसी की तर्ज पर अब जगह जगह शाहीनबाग बनते जा रहे है।





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