लक्सर (गोविंद चौधरी) : देश में कोरोना महामारी के चलते सरकार ने लॉक डाउन किया हुआ है जिसका का आज सातवा दिन है लॉक डाउन 21 दिन के लिए किया गया है कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने घरों से दूर अपने बीवी बच्चों सहित फैक्ट्रियों में काम कर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे थे। कुछ फैक्ट्रियां बंद हो जाने के बाद यह लोग बेरोजगार हो गए।ओर इन लोगों को खाने के लाले पड़ गए। इसके बाद इन्हें अपने घर जाने की इच्छा सताने लगी लेकिन जब यह लोग अपने घरों से बाहर निकले तब तक इनके घरों की ओर जाने वाले सभी रास्ते पूरी तरह बंद हो चुके थे। लॉक डाउन के आदेश के चलते हर जगह चप्पे-चप्पे पर प्रशासन लगा हुआ है। अब इन लोगों के सामने अपने घर पहुंचने का कोई विकल्प नहीं है जिससे यह लोग किसी वाहन का सहारा लेकर अपने प्रियजनों तक पहुंच सके लेकिन इनके परिजनों की याद ने इन्हें अपने वर्तमान घरों से अपने प्रिय जनों तक पहुंचने के लिए पैदल निकलने पर विवश कर दिया और यह लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों सहित रेल की पटरियों का सहारा लेकर पैदल ही निकल पड़े।

इन्होंने यह भी नहीं सोचा कि इनके घरों की दूरी इन से सैकड़ों मील दूर है जहां तक पहुंचने के लिए इन्हें कई दिनों तक का पैदल सफर तय करना पड़ सकता है इससे अनजान अपनो की याद में परेशान यह लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों और सामान को अपने कंधों पर उठाकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ चले ऐसा ही नजारा आज लक्सर रेलवे ट्रैक पर भी देखने को मिला जब रेलवे ट्रैक से गुजर रहे सैकड़ों लोगों पर मीडिया की नजर पड़ी तो हमलोग तत्काल ही इनसे मिलने पहुंच गए और हमने उनकी हाल-चाल जानने की कोशिश की इन लोगों ने बताया कि हम लोगों को बिजनौर धामपुर शाहजहांपुर तक जाना है लेकिन यातायात की कोई व्यवस्था न होने के कारण हम लोग पैदल जा रहे हैं इन लोगों ने यह भी बताया कि रास्ते में महंगाई की मार लंबा सफर इनके सामने एक बड़ी चुनोती बनकर खड़ा हुआ है प्रशासन ने इनकी कोई मदद नहीं की है छोटे-छोटे बच्चे भूख से बिलख रहे हैं पीने के पानी तक भी इनके पास पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

ऐसे में क्या यह लोग शाहजहांपुर जो कि लक्सर से तकरीबन 350 किलोमीटर दूर है पहुंच सकेंगे। ऐसे लोगों के सामने एक तरफ तो कोरोना जैसी महामारी और दूसरी तरफ इनका लंबा सफर व भुखमरी दोनों ही भयंकर चुनोती सामने खड़ी है। आखिर सरकार इन लोगों को इस बड़ी समस्या से बचाने के लिए क्या कदम उठाएगी यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा कोरोना जैसी महामारी लम्बा सफर और पेट की भूख को झेलकर क्या यह लोग अपनो तक पहुंच सकेंगे ।





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top