देहरादून : उत्तराखंड में तीन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. तीनों आईएफएस हैं और ट्रेनिंग के लिए स्पेन, रुस और फिनलैंड की यात्रा करके उत्तराखंड लौटे थे. पहले प्रशिक्षु को खांसी-जुखाम होने पर संदिग्ध मानते हुए सैंपल लिए गए और हल्द्वानी भेजे गए थे जिसमे रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी जिसके बाद से प्रशिक्षु को आईसोलेश में रखा गया है वहीं बाकी साथियों के सैंपल लेकर भी हल्द्वानी लैब भेजा गया था जिसमे से दो और आईएफएस में कोरोना की पुष्टि हुई। जिनका इलाज दून अस्पताल में चल रहा है।

ट्रेनी आईएफएस अफसर स्वस्थ

वहीं खबर है कि 6 दिन से दून अस्पताल में भर्ती ट्रेनी आईएफएस का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है। कोरोना संक्रमित दो अन्य अफसरों का तापमान और ब्लड प्रेशर सामान्य है। फ्लू, जुकाम, खांसी जैसी कोई शिकायत नहीं है। प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना के मुताबिक एक टीम उनपर नजर बनाए हुए है और लगातार उनके स्वास्थ्य जांच की जा रही है। अभी तक तीनों अफसरों में किसी तरह की बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं। डॉक्टर ने बताया कि तीनों की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है तो तीनों संक्रमण का मुकाबला कर लेंगे।

दाल-रोटी, खिचड़ी समेत हल्का खाना खाने की सलाह

जानकारी मिली है कि प्रशिक्षु आईएफएस अस्पताल का खाना नहीं खा रहे हैं। पूर्व मे भर्ती प्रशिक्षु का खाना भी एफआरआई से आ रहा है। डॉक्टरों ने आईएफएस प्रशिक्षुओं को दाल-रोटी, खिचड़ी समेत हल्का खाना खाने की सलाह दी है। समय-समय पर गर्म पानी, कॉफी पीने को दी जा रही है।

दो बार रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उनको छुट्टी दी जाएगी-डॉक्टर

चिकित्सकों के मुताबिक फिर से भर्ती प्रशिक्षुओं का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। एक प्रशिक्षु आईएफएस की पहली रिपोर्ट शनिवार को आने की उम्मीद है। वहीं अन्य दो संक्रमित प्रशिक्षु आईएफएस का चेस्ट एक्सरे और सामान्य ब्लड जांच ठीक है। उनकी भी कोरोना की जांच को दोबारा सैंपल लिया जाएगा। वहीं दो बार रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उनको छुट्टी दी जाएगी.

डॉक्टर ने एक ही लैब होने पर सवाल खड़े किए कहा कि सैंपल हल्द्वानी भेजे जाने से रिपोर्ट आने में देरी हो रही है और प्रशिक्षु आईएफएस की दूसरी रिपोर्ट पांच दिन में भी शुक्रवार देर शाम तक नहीं आई। स्वास्थ्य विभाग ने सरकार से एक और लैब की मांग की है ताकि रिपोर्ट जल्द से जल्द मिल सके।





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