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देहरादून  : 9 अगस्त, 2015

डिजिटल इंडिया के तहत गांवों तक सरकारी योजनाओं को ऑनलाइन पहुंचाने की मुहिम में उत्तराखंड के पिछड़ने की वजह मोदी सरकार बन रही है।

केंद्र हर प्रदेश की गांव पंचायत तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (ओएफसी) बिछाने में हजारों करोड़ खर्च कर रहा है, लेकिन डिजिटलाइजेशन के लिए अनिवार्य आधारभूत ढांचे की फंडिंग केंद्र ने रोक दी है। ऐसे में उत्तराखंड में अंतिम चरण में चल रही परियोजनाओं के लिए 106 करोड़ आवंटित करने की पैरवी को केंद्र ने खारिज कर दिया है, जिससे प्रदेश की कई योजनाएं लटकने की कगार पर हैं।

केंद्र पोषित प्रोग्राम बंद करने का सर्वाधिक खामियाजा उत्तराखंड को हुआ है। प्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में है जो आईटी के मिशन मोड प्रोजेक्टों में अन्य राज्यों से कहीं पीछे चल रहा है। राज्य के सीमित आय संसाधन होने से योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार के लिए करोड़ों का फंड जारी करना आसान नहीं है।

अब आईटी विभाग सितंबर माह में विधानसभा से पास होने वाले अनुपूरक बजट से थोड़ी बहुत धनराशि आवंटित होने की उम्मीद लगाए हुए है। कुल मिलाकर इस वर्ष में जो आईटी योजनाएं पूरी हो सकती थीं वह फंड के अभाव में कुछ वर्षों के लिए लटक जाएंगी।
Courtesy: अमर उजाला



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