टिहरी : जाने माने समाज सेवक रोशन रतूड़़ी ने बीते दिनों टिहरी के युवक कमलेश भट्ट जो की होटल में काम करता था का शव भारत भिजवाया था लेकिन भारत सरकार के अधिकारियों ने कोरोना के डर के कारण उत्तराखंड के बेटे का शव वापस भिजवा दिया। दिल्ली पहुंचे मृतक कमलेश के परिजन दिल्ली से निराश घर लौटे। वहीं अब रोशन रतूड़ी ने फेसबुक लाइव के जरिए सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई है। उन्होंने सरकारी तंत्र और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

16 अप्रैल को हुई थी मौत

आपको बता दें कि जौनपुर ब्लॉक के सेमवाल गांव निवासी कमलेश भट्ट दुबई अबू धाबी में होटल में नौकरी करता था। तीन साल से युवक दुबई में नौकरी कर रहा था। 16 अप्रैल को टिहरी के युवक की तबीयत खराब हुई थी जिसके बाद दुबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने कमलेश के परिजनों को इस हादसे की सूचना दी थी। कमलेश की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

परिजनों ने की थी शव को भारत लाने की मांग, रोशन रतूड़ी ने पूरी की मांग

कमलेश के परिजनों का कहना है कि दुबई के चिकित्सकों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। जिसके बाद कमलेश के घर में कोहराम मच गया। कमलेश के पिता हरिप्रसाद भट्ट और मां परेशान है। युवक के बड़े भाई मुकेश भट्ट ने डीएम डॉ. वी षणमुगम से कलमेश के शव को भारत वापस लाने की मांग की थी। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी ने कहा था कि इस वक्त कोरोना वायरस के चलते अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट भी बंद हैं ऐसे में कमलेश के शव को भारत लाए जाने के विषय में प्रशासन व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी बात की जा रही है।

रोशन रतूड़ी ने अपने दम पर भिजवाया था कमलेश का शव भारत 

वहीं समाज सेवक रोशन रतूड़ी ने अपने दम पर कमलेश का शव भारत भिजवाया था लेकिन सरकार के अधिकारियों ने कोरोना के डर से शव को वापस लौटा दिया।  रोशन रतूड़ी ने बताया था कि दिवंगत कमलेश भट्ट का पार्थिव शरीर भारत भिजवाने के लिए उन्होंने खुद का खर्चा किया और कमलेश के शव को भारत उसके परिजनों तक पहुंचाने में सफलता भी पाई थी और उन्होंने इसके लिए यूएई सरकार सहित इमीग्रेशन और एयरपोर्ट अथॉरिटी का भी धन्यवाद किया था लेकिन आज भारत से निराशा हाथ लगी।

आबू धाबी से यह शव कार्गो विमान के जरिए दिल्ली भिजवाया था

जानकारी मिली कि समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने 23 अप्रैल को आबू धाबी से यह शव कार्गो विमान के जरिए दिल्ली भिजवाया था लेकिन भारतीय दूतावास ने विदेश से आने वाले शव को लेने से मना कर दिया।

फेसबुक लाइव कर निकाली भड़ास

रोशन रतूड़ी ने कहा कि जब उन्हें यह पता लगा कि शव को वापस भेज दिया गया है तो वो निराश हो गए। रोशन रतूड़ी ने फेसबुक लाइव करते हुए केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार को जमकर लताड़ा। एक पोर्टल के अनुसार रोशन रतूड़ी ने बताया था कि उन्हें कस्टम का फोन आया था कि अब कमलेश भट्ट का पार्थिव शरीर वापस एयरपोर्ट आ गया है और अब वह कमलेश के परिजनों से बातचीत करेंगे और अगर वह कहेंगे तो रीति रिवाज से शव का अंतिम संस्कार यहीं कर दिया जाएगा।

Roshan Raturi की फेसबुक पोस्ट

 

 





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