मुरादाबाद : कोरोना की रोकथाम में लगे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही से हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने गलती से निगेटिव दो लोगों के बजाए उनके स्थान पर दो पॉजिटिव मरीजों को क्वारंटीन सेंटर से घर भेज दिया। पॉजिटिव मरीजों और निगेटिव युवकों के एक जैसे नाम होने से यह बड़ी गलती बताई जा रही है। मामले का खुलासा हुआ तो आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने दोनों ही पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल में भर्ती करा दिया। मरीजों के घर जाने के बाद उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है।

अमर उजाला डाॅट काॅम के अनुसार 21 अप्रैल को पीरजादा निवासी 33 साल के युवक और इंद्रा चैक निवासी 30 वर्षीय युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई। इनमें इंद्रा चैक का युवक जमात से जुड़ा है। जबकि पीरदाजा वाले युवक की कोई ट्रेवल हिस्ट्री और जमात से संपर्क नहीं है। 21 अप्रैल को 80 सैंपलों में 21 लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट के साथ दोनों युवकों की भी पॉजिटिव रिपोर्ट आ गई। आईएफटीएम में ही क्वारंटीन 37 लोगों की निगेटिव और 22 लोगों की संशय वाली रिपोर्ट आई।

स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव दोनों मरीजों को 22 अप्रैल की रात क्वारंटीन सेंटर से घर भेज दिया। इंद्रा चैक निवासी युवक के 23 अप्रैल को घर में नजर आने पर पड़ोसियों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। चूंकि पड़ोसियों ने अखबारों में यह पढ़ा था कि उनके मोहल्ले का व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया है। ऐसे में जब वह घर दिखा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया। स्वास्थ्य विभाग ने क्वारंटीन सेंटर में पॉजिटिव और निगेटिव लोगों की लिस्ट क्रास चेक की।

इसमें इंद्रा चैक के अलावा पीरदाजा निवासी पॉजिटिव युवक भी घर भेजा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस की मदद से गुरुवार को दोनों पॉजिटिव युवकों को विवेकानंद नर्सिंग सेंटर में भर्ती करा दिया। सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि कर्मियों की बड़ी चूक सामने आई है। इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि एक ही नाम के पॉजिटिव और निगेटिव युवक भी क्वांरटीन सेंटर में थे। कर्मचारियों की लापरवाही से निगेटिव युवकों को वहीं रोककर पॉजिटिव को घर भेज दिया। सीएमओ ने बताया कि दोनों युवकों के परिवार के क्वारंटीन लोगों के सैंपल भी कराए जाएंगे।





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