रुद्रपुर: ऊधमसिंह नगर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकार के दोवों को पूरी तरह बेपर्दा कर दिया है। सीने में उठे दर्द की वजह से दम तोड़ने वाली एक लड़की का शव तीन दिनों तक मोर्चरी में इसलिए सड़ता रहा कि उसकी कोरोना जांच की रिपोर्ट नहीं आई थी। कोरोना जांच की रिपोर्ट तीन दिन तक नहीं दी गई। परिवार वाले तीन दिनों तक अपनी इकलौती बेटी का शव बेबस होकर सड़ता हुआ देखते रहे।

गदरपुर के संजयनगर महतोष निवासी शीतल (18) को बीते शुक्रवार की शाम करीब छह बजे अचानक सीने में दर्द होने के बाद परिजन निजी अस्पताल गए थे। वहां उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर मोर्चरी में भेज दिया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना जांच के लिए शव से सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया था। परिजनों को बताया गया कि अगले दिन रिपोर्ट आने के आधार पर ही शव परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।

परिजन रोज मोर्चरी पहुंचकर कर्मचारियों से जानकारी लेते रहे, लेकिन रिपोर्ट नहीं आने की बात कहकर उन्हें घर भेज दिया जाता रहा। इस तरह से तीन दिन बीत गए और गर्मी से शव भी सड़ने लगा। परिजन बेबस होकर बस बेटी का शव सड़ता देखते रहे और फफकते रहे। सोमवार शाम को युवती की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसका शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। देर शाम को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया।





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