गोरखपुर : लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूर अपने घरों को वापस लौटते वक्त वो कई किलोमीटर का सफर पैदल तय कर रहे हैं। इस बीच कई लोग इस बुरे दौर में उनकी मदद करते नजर आ रहे हैं। गरीब मजदूरों के पास ना खाना है, ना पहनने को कपडे़, कईयों की तो चप्पलें भी टूट गई। कोई सफर करे, तो कैसे करे। ऐसा ही मामला सामने आया है गोरखपुर से। यहां एक लड़की की चप्पल टूट गई थी। तपती धूप में नंगे पांव ही सफर कर रही थी। इस दौरान वहां मौजूद सयुंक्त मेजिस्ट्रेट ने खुद अपने हाथ से उसे चप्पल पहनाई।

TIO के मुताबिक, गोरखपुर की सीमा पर कुछ प्रवासी मजदूर जुटे थे। इसी दौरान वहां संयुक्त मजिस्ट्रेट आईं। उनका नाम अनुज मलिक है। उनकी नजर वहां खड़ी एक लड़की पर पड़ी। लड़की नंगे पावं थी। वो तपती धूप में खड़ी थी। आईएएस अधिकारी अनुज मलिक ने तुरंत एक चप्पल मंगवाई और अपने हाथ से उस लड़की को पहनाई। जिस लड़की को आईएएस ने चप्पल पहनाई उसका नाम श्रेया है।

श्रेया बिहार की रहने वाली है। गोंडा से पैदल चलकर ही वो बिहार में अपने घर के लिए जा रही थी। रास्ते में ही उनकी चप्पल टूट गई। परिवार के लोग भी उनके साथ थे। वो नंगे पांव ही आगे बढ़ने लगी। जिस लड़की को आईएएस ने चप्पल पहनाई उसका नाम श्रेया है। अनुज मालिक ने और लोगों को भी चप्पलें पहनाई।





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