लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में देश के 20 जवान शहीद हो गए। अधिकतर जवान बिहार के थे। वहीं बिहार के भोजपुर जिले का एक लाल भी शहीद हो गया. शहीद जवान का नाम कुंदन ओझा है. मूल रूप से बेहेया के पहरपुर गांव के निवासी कुंदन ओझा का पूरा परिवार फिलहाल झारखंड के साहिबगंज में रहता है. गांव के लाल के शहीद की खबर मिलते ही पूरे गांव में गम का माहौल है. वहीं कुंदन ओझा के चचेरे चाचा तीर्थनाथ ओझा और उनका पूरा परिवार इस खबर से सदमे में हैं.

बता दें कि शहीद जवान कुंदन ओझा अपने पीछे माता-पिता, दो भाई और पत्नी के साथ 17 दिन की मासूम बच्ची को छोड़ गए हैं. कुंदन अपनी 17 दिन पहले जन्मी बेटी का चेहरा नहीं देख पाए. उन्होंने पत्नी से वादा किया था कि वो जल्द छुट्टी आएंगे।वो 2011 में बिहार रेजिमेंट में भर्ती हुए थे

चाचा तीर्थनाथ ओझा बताते हैं कि पूरा परिवार लंबे समय से झारखंड के साहिबगंज में रहता है. तकरीबन दो साल पहले कुंदन अपने परिवार के साथ गांव आए थे. पहरपुर के ग्रामीणों के मुताबिक कुंदन बड़े मिलनसार और मृदुभाषी थे, उनके शहीद होने पर दुख तो है लेकिन भारत माता के चरणों में सर्वोच्च बलिदान देने के लिए गर्व भी है.





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