पिथौरागढ़ : चीन सीमा पर चल रही तनातनी के बीच पांच दिन पहले सड़क निर्माण के लिए ट्राले पर पोकलैंड मशीन लेजाई जा रही थी। इस दौरान पुल टूट गया। उसके बाद से ही स्थानीय लोगों को तो दिक्कतों का सामना करना ही पड़ा, सेना के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया था। वर्तमान स्थितियों को देखते इस पुल का टूटना सेना के लिए चिंता की बात बताया जा रहा था।

मुनस्यारी-मिलम सड़क पर बीआरओ की टीम ने महज पांच दिन में भारत को चीन सीमा से जोड़ने वाला नया पुल तैयार कर दिया है। शनिवार को पुल पर पोकलैंड, ड्रोजर और बीआरओ के ट्रक को चलाकर ट्रायल लिया गया। बीआरओ के अधिकारियों के अनुसार, पुल सही तरीके से बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि सैनरगाड़ नदी पर बना पुल 22 जून को पोकलैंड ले जा रहे ट्राला के गुजरते समय टूट गया था।

पुल के महत्व को देखते हुए बीआरओ ने 23 जून से नया पुल बनाने का काम शुरू किया था। इससे चीन सीमा के लिए आवागमन आसान होगा ही। इसके अलावा मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र के ग्रामीणों को भी राहत मिलेगी। सेनरगाड़ में बना यह पुल इसलिए भी खास है क्योंकि, सेना और आईटीबीपी को इसी रास्ते से चीन सीमा पर बनी पोस्टों पर रसद और खाद्य सामग्री पहुंचाई जाती है। पुल टूटने से सेना को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा था। वहीं, पुल के टूटने से सीमांत के लोग भी खासे परेशान थे।





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