हरिद्वार : हरिद्वार में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यूपी के ड्राइवर ने पुलिस को फोन किया था कि उसे ट्रांसपोर्टर ने बंधक बना लिया है। सूचना मिलने के बाद भी सिडकुल पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच ड्राइवर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की जानकारी मिलते ही एसएसपी ने एसओ को लाइन हाजिर कर दिया। नाइट अफसर दरोगा और चीता पुलिस के दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया।

आत्महत्या के इस मामले में लापरवाही सामने आने पर ये कार्रवाई हुई है। दरअसल, हरिद्वार जिले के सिडकुल थानाक्षेत्र में यूपी के हाथरस के ड्राइवर राम चरण ने ट्रांसपोर्ट के दफ्तर में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ने पुलिस कंट्रोल रूम में बीते शनिवार रात फोन कर यह आरोप लगाया था, कि ट्रांसपोर्टर ने उसे बंधक बना लिया है और वह आत्महत्या करने जा रहा है।

सिडकुल थाने के दो चेतक पुकिसकर्मियों ने फोन पर ड्राइवर से बात तो कर ली, लेकिन मौके पर न पहुंचकर मामले को टाल दिया। शनिवार की रात अगर पुलिस ड्राइवर की बात मानकार पहुंच जाती तो, रविवार को उसकी डेड बाॅडी की जगह उसे जिंदा बचा लिया जाता। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने सिडकुल थानाध्यक्ष प्रशांत बहुगुणा को लाइन हाजिर कर दिया है। ड्यूटी पर तैनात जेल चैकी प्रभारी मोहन कठैत और दो पुकिसकर्मी दीपक दानू और भरत नेगी को सस्पेंड कर दिया।





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