देहरादून : बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की पतंजलि योगपीठ ने कोरोनिल नाम से दवा लाॅन्च की और दावा किया कि इससे कोरोना के मरीज पूरी तरह ठीक हो रहे हैं। बाबा के इस दावे पर अब विवाद भी खड़ा हो गया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार में अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कहा कि उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई थी। यही बात उत्तराखंड आयुष मंत्रालय ने भी कही, लेकिन इनसे विपरीत उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बाबा रामदेव की जमकर तारीफ की है।

मदन कौशिक ने कहा कि बाबा रामदेव की दवा चमत्कारिक रूप से कोरोना से देश को मुक्त करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि बाबा ने आईसीएमआर (ICMR) से भी बात की है। उन्होंने बाबा को दवा बनाने के लिए बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा लाभ होगा। साथ ही यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार भी आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को काड़ा और इन्यूटी बूस्टर दवा भी दे रही है।

दूसरी ओर उत्तराखंड के आयुष मंत्री हरक सिंह रावत का मीडिया रिपोर्ट में बयान सामने आया है। उन्होंने भी कहा है कि उनसे किसी तरह की कोई अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की पंतजलि को इम्यूनिटी बूस्टर बनाने की अनुमति दी गई थी। कोरोना की दवा बनाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई। इससे बाबा की कोरोना की दवा बनाने का दावा पूरी तरह सवालों से घिर गया है।





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