पिथौरागढ़ : भारत-चीन सीमा पर चल रहे विवाद के बीच भारत ने लिपुलेख में सुरक्षा बढ़ा दी है। लिपुलेख को लेकर नेपाल के साथ भी विवाद जारी है। ऐसे में सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जवानों की छुट्टियां रद्द कर उनको अपनी-अपनी पलटनों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस बात की किसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

लिपुलेख में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने भी छुट्टी पर भेजे गए जवानों को वापस अपनी-अपनी बटालियनों में बुला लिया है। लिपुलेख में चीनी सैनिकों की ओर से चेतावनी लिखा झंडा लहराने और गलवां घाटी में हिंसक झड़प के बाद लिपुलेख में भी भारत ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आईटीबीपी और भारतीय सेना के जवान लिपुलेख तक कड़ी चैकसी के साथ गश्त कर रहे हैं।

सीमा पर चल रही गतिविधियों को देखते हुए एसएसबी ने भी नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया है। एसएसबी के जवान 24 घंटे सीमा पर गश्त कर रहे हैं। काली नदी में बने अंतरराष्ट्रीय झूला पुलों के साथ ही पूरी सीमा पर निगाह रखी जा रही है। नेपाल जल्द ही भारत के कालापानी और चीन सीमा के तिंकर में निगरानी के लिए एक और बीओपी (बॉर्डर आउट ऑफ फोर्स) बनाने जा रहा है। बीओपी बनाने का सर्वे पूरा कर लिया है। इससे नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल सीमा क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों पर निगरानी रखेगा।





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