पटना : केरल में गर्भवती हथिनी की मौत का मामला देश और दुनिया में चर्चा के केंद्र बना हुआ है। इस बीच बिहार एक ऐसी खबर आई है, जिसकी चर्चा भी पूरे देश में होने लगी है। एक व्यक्ति ने अपनी पूरी संपत्ति अपने दोस्त दो हाथियों के नाम कर दी है। पटना से सटे दानापुर के अख्तर इमाम ने अपनी सारी संपत्ति अपने दो हाथियों मोती और रानी के नाम कर दी है। इतना ही नहीं अख्तर ने अपने हाथियों के लिए ऐरावत नाम से ट्रस्ट भी बनाया है। अख्तर कहते हैं कि मोती और रानी ही उनके दोस्त, परिवार और सबकुछ हैं।

प्रॉपर्टी को हाथियों के नाम करने के बाद इनके सगे ही दुश्मन बन गए हैं। अख्तर का आरोप है कि उनके बेटे मेराज ने तो एक बार तस्करों के साथ मिलकर हाथी मोती और रानी को बेचने की साजिश तक कर दी थी। अख्तर मोती और रानी को इतना क्यों प्यार करते हैंए इसके पीछे भी एक दिलचस्प किस्सा है। अख्तर के मुताबिक एक बार देर रात पिस्टल लिए अपराधी उनकी हत्या करने के इरादे से उनके कैंपस में घुस गए। ये देखते ही हाथियों ने चिघाड़ना शुरू किया और अख्तर की नींद खुल गई। इसके बाद बदमाश भाग निकले। आरोप है कि प्रापर्टी के लिए अख्तर के बेटे ने अपनी प्रेमिका से मिलकर पिता पर ही रेप का झूठा आरोप लगवा दिया था। अख्तर को जेल भी जाना पड़ा लेकिन, वो जांच में बेदाग पाए गए। पिछले 10 साल से अपनी बीवी और बच्चे से अलग रह रहे हैं।

एरावत संस्था के प्रमुख अख्तर बताते हैं कि वह 12 साल की उम्र से ही हाथियों की सेवा कर रहे हैं। पारिवारिक विवाद होने की वजह से आज से 10 साल पहले उनकी पत्नी दो बेटे और बेटी के साथ घर से मायके चली गई थी। उन्होंने अपने बड़े-बेटे मेराज के दुर्व्यवहार और गलत रास्ते पर जाते देख उन्होंने उसे जायदाद से वंचित कर दिया है। पत्नी को आधी जायदाद लिख दी है और अपने हिस्से की लगभग 5 करोड़ रुपए की जायदाद खेत-खलिहान मकान-बैंक बैलेंस सबकुछ दोनों हाथियों के नाम कर दिया है। अख्तर का कहना है कि अगर दोनों हाथियों की मौत हो जाती है तो यह जायदाद एरावत संस्था को चली जाएगी।





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