देहरादून : क्वारंटीन सेंटर में जबलपुर (एमपी) के युवक ने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब नया खुलासा हुआ है। युवके पिता ने व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सरकार व्यवस्थाओं को उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।

उन्होंने सवाल किया कि बेटे का मोबाइल और उसकी रेलवे आईडी कहां गई? इसके अलावा क्वारंटीन सेंटर में रस्सी कैसे पहुंची? ये सवाल बेहद गंभीर हैं और इनका जवाब मिलना चाहिए। हालांकि उनको किसीने जवाब नहीं दिया है। दिल्ली से दून पहुंचने पर रायपुर के क्वारंटीन सेंटर में रखे गए रेलवे कर्मचारी संकेत मेहरा का शव 12 जून को फांसी पर लटका मिला था।

मौत के बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। लॉकडाउन के चलते रेलवे में टिकट न मिलने के कारण परिजन नहीं आ पा रहे थे। पुलिस और प्रशासन ने संकेत के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया था। लॉकडाउन में वह बड़ोदरा में फंस गया था। श्रमिक ट्रेन चली तो संकेत दिल्ली आ गया था। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली से वह देहरादून क्यों आया इसका उन्हें भी पता नहीं? संकेत ने बड़े भाई को फोन पर यह जानकारी दी थी कि वो क्वारंटीन सेंटर में हैं। लेकिन, लोकेशन नहीं बता पाया था।

12 जून को रायपुर से उन्हें फोन आया तो घटना का पता चला। पिता मेहरा का आरोप है कि बेटे की जान सरकारी अव्यवस्थाओं से गई है। सात जून से 11 जून तक कोई कर्मचारी उसे देखने तक नहीं गया। संकेत बेहद खुशमिजाज और घूमने का शौकीन था। सवाल किया कि क्वारंटीन सेंटर में उसके हाथ रस्सी कैसे आई? दूसरा संकेत का मोबाइल और आईडी कार्ड कहां हैं ? उन्होंने कहा कि उनके बेटे को इंसाफ मिलना चाहिए।





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